कोरोना पर सार्क देशों के साथ चर्चा में पीएम मोदी ने इस वायरस के फैलने को लेकर भारत के अनुभव के बारे में बताते हुए कहा कि 'तैयार रहें, लेकिन घबराएँ नहीं' ही हमारे मार्गदर्शन का मंत्र है।
दुबई से आए बुजुर्ग मोहम्मद हुसैन की कोरोना ने जान ले ली। मक्का-मदीना से लौटे एक ही परिवार के 14 सदस्य आइसोलेशन में हैं। लेकिन, उसी कर्नाटक में चार मुस्लिम युवकों ने इस्लाम का हवाला दे जॉंच से इनकार कर दिया और स्वास्थ्य अधिकारियों को वापस जाने के लिए धमकाया।
मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार के कैबिनेट मंत्री पीसी शर्मा ने देवी की शरण में जाकर उन्हें अनुष्ठान करके मनाने की कोशिश की। उन्होंने आगर मालवा जिले के नलखेड़ा में विशेष किस्म का 'शत्रु विनाशक हवन' किया।
कोरोना से सर्वाधिक प्रभावित मुल्कों में से एक ईरान से लाए गए लोगों में से 103 तो मजहबी यात्रा गए थे। लेकिन, निकालते वक्त सरकार ने उनसे मजहब नहीं पूछा, क्योंकि वे भारतीय थे।
गुजरात कॉन्ग्रेस विधायक सोमा पटेल और जेवी काकडिया ने राज्यसभा में उनके समुदाय के सदस्य को न भेजे जाने से नाराज होकर पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। सोमा पटेल ने राज्यसभा सीट कोली समुदाय को देने की माँग की थी। लेकिन गुजरात से कोली समुदाय के सदस्य को टिकट नहीं दिया गया।
कॉन्ग्रेस ख़ुद अपनी सरकार बचाने को लेकर आश्वस्त नहीं, उसे पता है कि सदन में वो अल्पमत में है। तभी विधायकों को अपनी पार्टी के साथ बाँध रखने में अक्षम CM कमलनाथ को गृहमंत्री अमित शाह को लंबा-चौड़ा 4 पेज का लेटर लिखना पड़ गया।
"सरकार अभिभाषण के ठीक बाद बहुमत साबित करे। विश्वास मत विभाजन के आधार पर बटन दबाकर होगा, अन्य किसी तरीके से नहीं। इसकी संपूर्ण प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जाए। यह कार्यवाही हर हाल में 16 मार्च को प्रारंभ होगी और स्थगित, विलंबित या निलंबित नहीं की जाएगी।"
बाप-बेटे के गिरते ही अल्लाह हू अकबर के नारे लगाती 200 लोगों की भीड़ ने घेर लिया। तब तक पीटा जब तक भोले बाबा की मौत नहीं हो गई। बेटे ने मरने का नाटक कर खुद को बचाया। भोला बाबा ने उस दिन बस एक गलती कर दी थी। वे वजीराबाद इलाके की उस रेखा को लॉंघ गए थे जो 'बॉर्डर' है।
राज्यसभा के लिए बीजेपी ने तीन उम्मीदवार खड़े कर कॉन्ग्रेस की नींद उड़ा दी है। उसे क्रॉस वोटिंग का डर सताने लगा है। इसके कारण 35 विधायक जयपुर और 15 उदयपुर ले जाए जा रहे हैं। वहीं मध्य प्रदेश में बीजेपी ने बजट सत्र स्थगित कर फ्लोर टेस्ट की मॉंग की है।
पहले यह बंगला गौतम थापर का था। उन्होंने यस बैंक से इसे गिरवी रख लोन लिया। बाद में लोन चुकाने के लिए बंगला बेचने की बात कही। इसके बाद बिंदु के नाम से एक शेल कंपनी बनाई गई जिसने बंगला खरीद लिया।