Monday, October 18, 2021
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हम भाग्यशाली हैं, भारत ने हमारे लिए दवाएँ-मेडिकल टीम भेजी: मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह

"मालदीव भाग्यशाली है। उसे भारत की सहायता मिली। मैं पीएम मोदी और भारत के लोगों को शुभकामनाएँ देता हूँ।" मालदीव के राष्ट्रपति के अलावा बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना ने भी भारत द्वारा मदद करने पर पीएम मोदी को शुक्रिया कहा।

कोरोना के बढ़ते हुए प्रभाव पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सार्क (SAARC/दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन) देशों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संबोधित कर रहे हैं। भारत, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, मालदीव, नेपाल और श्रीलंका सार्क (SAARC) के सदस्य हैं। पीएम मोदी ने कोविड-19 के लिए एक इमर्जेंसी फंड बनाने का प्रस्ताव रखते हुए कहा कि भारत इसके लिए 10 मिलियन अमेरिकी डॉलर की मदद का प्रस्ताव देता है। इसका इस्तेमाल कोई भी कर सकता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सम्बोधित करते हुए कहा कि हमें कोरोना वायरस से मिलकर लड़ना होगा, सबको चौकन्ना रहने की जरूरत है। प्रधानमंत्री ने सभी मेहमानों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि डब्लूएचओ ने कोरोना को महामारी घोषित किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सबको मिलकर लड़ना है, घबराने की जरूरत नहीं है, विकासशील देशों के सामने बड़ी चुनौती है।

वीडियो कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में पीएम मोदी ने कहा- “जैसा कि हम जानते हैं कोविड-19 को हाल ही में महामारी घोषित किया गया है। हमारे क्षेत्र में अब तक लगभग 150 केस सामने आए हैं, हमें सतर्क रहने की जरूरत है।”

कोरोना पर सार्क देशों के साथ चर्चा में पीएम मोदी ने इस वायरस के फैलने को लेकर भारत के अनुभव के बारे में बताते हुए कहा कि ‘तैयार रहें, लेकिन घबराएँ नहीं’ ही हमारे मार्गदर्शन का मंत्र है।

इस पर मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह ने भारत का आभार व्यक्त करते हुए कहा- “मैं पीएम मोदी को धन्यवाद कहना चाहता हूँ। संकट के समय में हम साथ आते हैं। 2003 में सार्स के खतरे के वक्त मालदीव ने सार्क के स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक आयोजित की थी। कोई देश अकेले इस वायरस से नहीं निपट सकता है, इसमें सबकी मदद चाहिए।”

उन्होंने कहा, “मालदीव भाग्यशाली है कि उसे भारत की सहायता मिली है, इसके लिए मैं पीएम मोदी और भारत के लोगों को शुभकामनाएँ देता हूँ, उन्होंने हमारे लिए दवाएँ और मेडिकल टीम भेजी।”

वहीं, अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने कहा कि चीन, अमेरिका या फिर ईरान आदि की चीजें उनके लिए उपयुक्त नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत शंघाई को-ऑपरेशन का सदस्य है और चीन का उपाय उनके लिए कितना कारगर है, यह देखने की जरूरत है।

इस चर्चा में शामिल बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना ने भी भारत द्वारा मदद करने पर पीएम मोदी को शुक्रिया कहा। उन्होंने कहा कि वुहान से बांग्लादेश के 23 छात्रों को निकालने के लिए वो पीएम मोदी को धन्यवाद देना चाहती हैं।

वीडियो कॉन्फ्रेन्स में पीएम मोदी ने #COVID19 फंड का प्रस्ताव रखते हुए भारत की तरफ़ से शुरुआती 10 मिलियन डॉलर की रक़म देने की बात भी कही।

प्रधानमंत्री मोदी ने सार्क देशों को संबोधित करते हुए कहा कि सार्क देशों में 150 से कम मामले सामने आए हैं, इसे लेकर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। डॉक्टर्स और नर्सों को कोरोना से लड़ने की ट्रेनिंग दी जा रही है। सार्क देशों को मेडिकल टीम को पुख्ता ट्रेनिंग देने की जरूरत है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि भारत में जनवरी में ही कोरोना की स्क्रीनिंग शुरू कर दी गई थी।

गौरतलब है कि कोरोना वायरस का संक्रमण दिन प्रति दिन बढ़ता जा रहा है। दुनियाभर में 150,000 से अधिक लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हैं। बेहद पुख्ता सुरक्षा के बावजूद भी भारत में भी इससे संक्रमित होने वालों की संख्या 93 पहुँच गई है। इस बीच महाराष्ट्र में कोरोना का एक और पॉजिटिव मामला सामने आया है। इसी के साथ राज्य में कुल मामलों की संख्या बढ़कर 32 हो गई है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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