“मैं यह भी प्रार्थना करता हूँ कि जब वह बाहर आएँ तो कश्मीर की स्थिति को सुधारने में अपना योगदान दें। मुस्लिम भारत के नागरिक और हमारे भाई हैं। वह हमारे जिगर का टुकड़ा है। कुछ ताकतें हैं, जो उन्हें गुमराह कर रही हैं।”
डोनाल्ड ट्रम्प के सम्मान में आयोजित रात्रिभोज के लिए राष्ट्रपति भवन में अधीर रंजन चौधरी और गुलाम नबी आजाद को बुलाया गया। लेकिन अधीर रंजन को गुस्सा इस बात से आया कि उन्हें तो बुलाया पर उनकी मैडम सोनिया जी को क्यों नहीं बुलाया!
जामिया के छात्रों ने कहा कि माहौल ऐसा बना दिया गया है जैसे शरजील कोई देशद्रोही हो। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि देश में नफरत का माहौल बना दिया गया है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शरजील इमाम की विचारधारा से डरते हैं। उन्होंने धमकाया कि हज़ारों शरजील पैदा होंगे।
उन्होंने कहा कि एनआरसी में कई डरावने प्रावधान हैं। जब उनसे पूछा गया कि एनआरसी के ड्राफ्ट कहाँ हैं तो स्वरा भास्कर ने कहा कि ये सब देखना मेरा काम नहीं है। मतलब बिना ड्राफ्ट आए ही स्वरा को पता चल गया कि एनआरसी में डरावने प्रावधान हैं।
बाजार संघ के एक वरिष्ठ सदस्य ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त मध्यस्थों से मिल कर, उन्हें व्यापरियों को हो रहे वित्तीय नुकसान और इसके कारण दुकानदारों और उसके स्टॉफ को होने वाली परेशनियों से अवगत कराने की इच्छा जताई।
व्यास ने पठान को शहर आने की चुनौती दी है। उन्होंने कहा- "हम आपके लिए सही व्यवस्था करेंगे कि क्या आप यह समझते हैं कि हमने चूड़ियाँ पहन रखी हैं? हम आप से निपटने के लिए तैयार हैं, लेकिन हम यह चाहते हैं कि समाज में आपसी भाईचारा बना रहे।"
"जामिया के छात्रों के खिलाफ सभी मुकदमे वापस लिए जाएँ। NPR को दिल्ली में लागू नहीं किया जाए। शाहीन बाग विरोध को लेकर दर्ज किए गए युवाओं के खिलाफ सभी मामलों को रद्द करें।"
क्या आप गुलशन कुमार को जानते हैं? मारिया के सवाल पर भट्ट ने कहा हाँ, मैं जानता हूँ। फिर मारिया ने पूछा - क्या गुलशन कुमार हर सुबह एक शिव मंदिर जाते हैं? भट्ट के जवाब से यह बात भी सही निकली। और मुखबिर के अनुसार इसी शिव मंदिर में गुलशन कुमार का 'विकेट' गिरने वाला था, मतलब...
राम मंदिर निर्माण के लिए दान देना चाहते हैं? किसे देंगे? कहाँ देंगे? जिस एकमात्र ट्रस्ट को सरकार ने यह जिम्मेदारी दी है, अभी उसकी वेबसाइट नहीं बनी है। अयोध्या के DM के अनुसार, यह जल्द ही बन जाएगी। यही कारण है कि 2 करोड़ रुपए की चेक को लौटाना पड़ गया।
नन का कहना है कि क्योंकि बिशप उनके धार्मिक समूह का मुखिया था इसलिए वो कभी इस बात को बता नहीं पाई। लेकिन जब वो उसके शरीर के बारे में अश्लील बातें करता तो उसे आत्म सम्मान को ठेस लगती थी। उन्होंने कहा कि बिशप द्वारा की जाने वाली सेक्सटिंग (मोबाइल पर की जाने वाली अश्लील बातें) में उन्होंने कभी दिलचस्पी नहीं ली।