बड़ी ख़बर

हिन्दू, मुस्लिम से घृणा करने लगा है: कमलेश की हत्या के बाद वामपंथी हिन्दू को ही गुनहगार कह रहे हैं!

आपसी दुश्मनी में लोग कई बार क्रूरता की हदें पार कर देते हैं। लेकिन ये दुश्मनी आपसी नहीं थी। ये दुश्मनी तो एक हिंसक विचारधारा और मजहबी उन्माद से सनी हुई उस सोच से उत्पन्न हुई, जहाँ कोई फतवा जारी कर देता है, और लाख लोग किसी की हत्या करने के लिए, बेखौफ तैयार हो जाते हैं।

सावरकर की तारीफ करने पर सिंघवी से नाराज हुईं सोनिया, माँगी सफाई

सिंघवी को कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता का फोन गया था और उनसे ट्वीट के कथ्य और इसकी टाइमिंग पर सवाल किए गए। कहा जा रहा है सिंघवी को ये कॉल सोनिया गाँधी के कहने पर किया गया, जो कि सिंघवी के ट्वीट से नाराज दिखीं।

विदेश से आए 18 लोग फैला रहे थे मजहबी कट्टरता, यूपी पुलिस ने भगाया अपने देश

वो सभी मजहबी बैठकों में भाग ले रहे थे। बिजनौर पुलिस ने वीजा नियमों का हवाला देते हुए बताया कि कोई भी विदेशी नागरिक टूरिस्ट वीजा लेकर मजहबी गतिविधियाँ संचालित नहीं कर सकता। इस सम्बन्ध में मस्जिद प्रशासन से भी रिपोर्ट माँगी गई है।

किस्मत रेप की तरह होती है, आप इसे रोक नहीं सकते तो एन्जॉय कीजिए: कॉन्ग्रेस सांसद की बीवी

वर्तमान में कॉन्ग्रेस सांसद हिबी ईडन विधायक के पद से इस्तीफा देने के बाद कॉन्ग्रेस के टिकट पर एर्नाकुलम लोकसभा सीट से पहली बार चुनाव जीतकर सांसद बने हैं। ईडन ने उस क्षेत्र में अपनी जीत दर्ज करवाई है जिसे कॉन्ग्रेस का गढ़ माना जाता है।

कमलेश के साथ UP अध्यक्ष को भी मारने का था प्लान, अशफ़ाक़ ने दिया था राम मंदिर के लिए भीड़ का लालच

अशफ़ाक़ और उसके हत्यारे साथी ने सिर्फ़ कमलेश तिवारी की ही नहीं बल्कि 'हिन्दू समाज पार्टी' के उत्तर प्रदेश प्रकोष्ठ के अध्यक्ष गौरव गोस्वामी को भी मारने की योजना बना रहे थे। इसीलिए प्लानिंग के तहत सूरत से लखनऊ आते समय उन्होंने गोस्वामी को कॉल कर के कमलेश तिवारी के दफ्तर आने की काफ़ी जिद की थी। गोस्वामी ने काम ज्यादा होने के कारण इनकार कर दिया, जिससे...

कमलेश तिवारी के हत्यारों को हर जिले में मिली मदद: बरेली, शाहजहाँपुर, पीलीभीत से नेपाल तक टेरर फंडिंग का खेल

बरेली के एक मौलवी को हिरासत में लिया गया। एक ड्राइवर तौहीद को दबोचा गया। शाहजहाँपुर से लेकर पीलीभीत तक, हत्यारों को हर जगह से मदद मिल रही है। इस हत्याकांड के तार दुबई से भी जुड़े नज़र आ रहे हैं। उधर लखीमपुर क्षेत्र में एक टेरर फंडिंग के बड़े गैंग का खुलासा हुआ है।

हत्यारे अशफाक ने किसी के आधार कार्ड में अपनी फोटो चिपका रची थी कमलेश तिवारी के मर्डर की प्लानिंग

अशफाक ने अपने सहकर्मी रोहित कुमार सोलंकी के आधार कार्ड में उसकी फोटो की जगह अपनी फोटो लगा दी और बाकी की सारी जानकारी वही रहने दी। इसी फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल उसने कमलेश तिवारी की पार्टी में शामिल होने के लिए किया।

कमलेश तिवारी हत्याकांड: चौथा आरोपित लड़ चुका है गडकरी के ख़िलाफ चुनाव, सुन्नी यूथ फोर्स का है उपाध्यक्ष

नागपुर से गिरफ्तार सैयद आसिम अली नागपुर में एमडीपी पार्टी की नगर ईकाई का अध्यक्ष है और साथ ही सुन्नी यूथ फोर्स संस्थान का उपाध्यक्ष भी। नितिन गडकरी के ख़िलाफ लोकसभा चुनाव भी लड़ चुका है और मुस्लिमों में अपनी पैठ बनाने के लिए...

हे संजय! सच-सच बतलाना: तुम इतनी बेशर्मी, इतना बड़बोलापन लाते कहाँ से हो?

जब सुशासन की ही पोल खुल चुकी हो तो उसके बड़बोले मंत्री के दावों पर गौर करना बेमानी है। लेकिन, यह सियासत है। और वो भी बिहार की, जिसके समीकरण दिल्ली से ही तय होने हैं। लिहाजा हर ट्वीट के पीछे का गणित समझना जरूरी हो जाता है।

प्रिय हिन्दुओ! कमलेश तिवारी की हत्या को ऐसे ही जाने मत दो, ये रहे दो विकल्प

कमलेश तिवारी की हत्या के बाद एक आम हिन्दू की तरह, आपकी तरह- मैं भी गुस्से में हूँ और व्यथित हूँ। समाधान तलाश रहा हूँ। मेरे 2 सुझाव हैं। अगर आप चाहते हैं कि इस गुस्से का हिन्दुओं के लिए कोई सकारात्मक नतीजा निकले, मेरे इन सुझावों को समझें।

ताज़ा ख़बरें

प्रचलित ख़बरें