FATF की APG रिपोर्ट में मनी लॉन्ड्रिंग तथा टेरर फंडिंग के खिलाफ कार्रवाई के 10 मानदंडों में से पाकिस्तान 9 में फिसड्डी साबित हुआ है जबकि एक में उसे 'मध्यम' स्थान प्राप्त हुआ है।
इमरान ख़ान के भाषण में कही गई कुछ बातों से सऊदी प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान इतने ख़फ़ा थे कि उन्होंने तुरंत इमरान सहित पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल को अपने प्राइवेट जेट से निकाल बाहर करने का आदेश दे दिया।
1969 में फ़िल्म सिटी को वन विभाग की 51 एकड़ अतिरिक्त ज़मीन ग़लती से ट्रांसफर हो गई थी। उसके बाद से संजय गाँधी नेशनल पार्क ने कई बार फ़िल्म सिटी से वह ज़मीन लौटाने के लिए मिन्नतें कीं लेकिन सब बेकार। Aarey पर पर्यावरण का रोना रोने वाले बॉलीवुड सेलेब्स अपने घर से शुरू करेंगे बदलाव?
TMC विधायक परेश पॉल इस दुर्गा पूजा पंडाल का मुख्य आयोजक है। इसी पंडाल से शांति-सद्भाव फैलाने के नाम पर अजान बजाने का मामला सामने आया है। कोलकाता हाईकोर्ट के वकील शांतनु के पास आरती के दौरान अजान बजाने वाला वीडियो...
DMCH में कार्यरत डॉक्टर प्रशांत वत्स 5 दिन कश्मीर में गुजार कर हाल ही में लौटे हैं। ऑपइंडिया ने उनसे बातचीत की, वहाँ का हाल जाना। डॉक्टर वत्स ने मीडिया के तमाम प्रोपेगेंडे को ध्वस्त करते हुए कुछ ऐसी बातें बताई, जिन्हें आप लोगों तक पहुँचाना ज़रूरी है।
कट्टरपंथी जमीयत नेता फजलुर रहमान ने सरकार के खिलाफ 27 अक्टूबर को मार्च का किया ऐलान। कहा, "यह जंग तब तक जारी रहेगी जब तक इमरान ख़ान की सरकार चली नहीं जाती। पूरे देश से लोगों का जनसैलाब मार्च में भाग लेने आ रहा है और फ़र्ज़ी शासक इसमें एक तिनके की तरह डूब जाएँगे।"
कॉन्ग्रेस में ओल्ड गार्ड और न्यू गार्ड की लड़ाई 2007 में राहुल के पार्टी महासचिव बनने के बाद ही शुरू हो गई थी। पंजाब, राजस्थान और मध्य प्रदेश में इनके सामने राहुल को सरेंडर करना पड़ा था। अब सोनिया की वापसी के साथ ही ओल्ड गार्ड हिसाब चुकता करने में लग गए हैं।
ख़ुफ़िया इनपुट्स के मुताबिक जैश कमांडर अबू उस्मान के नेटवर्क से जुड़ा मॉड्यूल दिल्ली के घनी आबादी वाले इलाके में घुस अपने मंसूबों को अंजाम देने की फिराक में है। इनका मकसद त्योहारों में भीड़भाड़ वाले इलाके में तबाही मचाना है। निशाने पर चार प्रमुख बाजार हैं।
आखिर अंग्रेज़ों के दस्तावेजों में चोरी-छिपे 'बाबरी मस्जिद' किसने जोड़ा? खुदाई में मिले साक्ष्यों से यह साफ़ है कि न केवल मस्जिद मंदिर तोड़कर बनी, बल्कि यह स्थल मस्जिद के सैकड़ों, हज़ारों साल पहले से मंदिर रहा है।
जब हमले नहीं हों तो रवीश कहते हैं कि कश्मीरी संगीनों के साये में जी रहे हैं, उनकी आवाज़ दबाई जा रही है। जब आतंकी हमला होता है तो वह सरकार और सुरक्षा बलों को घेरते हैं। दोनों हाथों में लड्डू रखने के लिए मीठी आवाज़ में हर ख़बर में 'नौकरी' घुसेड़ देना ही काफ़ी है।