धर्म और संस्कृति

‘कूर्म पीठ’ पर बना शक्तिपीठ, कच्छप मरने से पहले लेते हैं माँ का आशीर्वाद: जानें माता त्रिपुरसुंदरी मंदिर के कछुए क्यों हैं खास, अनुष्ठानों...

त्रिपुरसुंदरी मंदिर में आने वाले भक्त अनुष्ठान के तहत बोस्तामी कछुओं को ब्रेड क्रम्ब्स, बिस्कुट और मुरमुरे खिलाते हैं।

नवरात्रि के पहले दिन PM मोदी ने की माता त्रिपुरसुंदरी की आराधना, 524 वर्ष प्राचीन माताबाड़ी का नव्य-दिव्य-भव्य स्वरुप राष्ट्र को किया समर्पित: शक्तिपीठ...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवरात्रि के पहले दिन त्रिपुरा के त्रिपुरसुंदरी मंदिर में पूजा अर्चना की है। उन्होंने इस तीर्थ के पुनर्विकसित स्वरूप का उद्घाटन भी किया।

जनजातीय परंपराएँ, तांत्रिक अनुष्ठान और देवी मावली की रहस्यमयी यात्रा: बस्तर में 75 दिनों तक चलता है दशहरा, माँ दंतेश्वरी की आराधना है इसकी...

छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में मनाया जाने वाला 'बस्तर दशहरा' भारत का सबसे लंबा और अनोखा धार्मिक त्योहार है, जो 75 दिनों तक चलता है।

ना भौंकते हैं कुत्ते, ना गरजते हैं बादल, ना ही कड़कती है बिजली: जानिए बद्रीनाथ धाम की शांति का रहस्य, भगवान विष्णु के लिए...

बद्रीनाथ धाम से जुड़ी कुछ ऐसी रहस्यमयी बातें हैं, जो इसे और भी खास बनाती हैं। यहाँ कभी कुत्ते नहीं भौंकते हैं और ना कभी बिजली कड़कती है।

छत्रपति शिवाजी ने की शुरुआत, महाभारत से कनेक्शन… जानें ‘अनंत चतुर्दशी’ पर ही क्यों होता है गणपति विसर्जन, क्या हैं मान्यताएँ

अनंत चतुर्दशी के अवसर पर गणेश विसर्जन के साथ भगवान गणेश के महापर्व गणेश चतुर्थी का समापन होता है। इस दिन उनका विधिवत विसर्जन किया जाता है।

11 नदियों का जल, 21 तीर्थों की मिट्टी और 11 हजार लड्डू…पुनौरा धाम में संपन्न हुआ भूमिपूजन का काज: 67 एकड़ में राम मंदिर...

बिहार के सीतामढ़ी में पुनौरा धाम पर भव्य जानकी मंदिर का शिलान्यास हो चुका है। अमित शाह ने 882 करोड़ की लागत से बने भव्य मंदिर की नींव रखी।

जहाँ प्रकट हुईं जानकी, उसे भव्य बनाएँगे ‘लव (नीतीश कुमार)-कुश (अमित शाह)’: घर-घर पहुँच रहा आमंत्रण का अक्षत, जानिए कैसे ‘पुनौरा धाम’ का होगा...

जानकी मंदिर और कॉरिडोर के शिलान्यास को भव्य बनाने के लिए पुनौरा धाम में तैयारियाँ जोर-शोर से चल रही हैं। यह कार्यक्रम 8 अगस्त को होगा।

कश्मीर में पुराने हिंदू राजवंश के जीवंत प्रमाण, पवित्र झील के पास से मिलीं कई मूर्तियाँ-शिवलिंग: कभी करकोटा वंश का बजता था डंका, कल्हण...

अनंतनाग में खुदाई के दौरान करकोटा वंश से जुड़ी मूर्तियाँ मिलीं। ये कश्मीर के स्वर्ण युग की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक हैं।

आज जो म्यांमार गृहयुद्ध, तख्तापलट और नार्को-टेरिरिज्म में फँसा, वहाँ 1000 साल पहले था समृद्ध बागान साम्राज्य: बौद्ध राजवंश पर थी भारतीय संस्कृति की...

म्यांमार कभी भारतीय संस्कृति से प्रेरित समृद्ध और सांस्कृतिक रूप से जीवंत सभ्यता था। यहाँ प्राकृतिक दृश्य और सुनहरे मंदिरों की भरमार थी।

जब माँ कौशकी ने किया असुरों का संहार, माँ काली ने दैत्यों का खून पिया… दिल्ली के कालिका मंदिर का 3000 वर्ष पुराना है...

दिल्ली स्थित श्री कालकाजी मंदिर में देवी काली को कालिका नाम से पूजा जाता है। माँ कालिका को शक्ति और समय की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है। मंदिर का नाम भी कालकाजी इसी कारण पड़ा है।

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