"श्री रामजन्मभूमि मन्दिर का निर्माण भारत की प्राचीन निर्माण पद्धति से किया जा रहा है ताकि वह सहस्त्रों वर्षों तक न केवल खड़ा रहे, अपितु भूकम्प, झंझावात अथवा अन्य किसी प्रकार की आपदा में भी उसे किसी प्रकार की क्षति न हो।"
कर्नाटक के शृंगेरी स्थित आदि शंकराचार्य की मूर्ति को किसी अज्ञात व्यक्ति ने इस्लामिक झंडे से ढँक दिया। उस इस्लामी झंडे पर अरबी भाषा में काफी कुछ लिखा हुआ था।
अयोध्या में रामजन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण के शिलान्यास के बाद से ही काशी और मथुरा का मुद्दा भी गरमाता नजर आ रहा है। लोगों की निगाहें अब काशी विश्वनाथ मंदिर के फैसले पर टिकी हुई है।
“इससे पहले अन्य लोग सरकार में थे, उन्होंने अयोध्या पर बिल्कुल ध्यान नहीं दिया। यहाँ किसी तरह का विकास कार्य नहीं हुआ करता था। अब पूरे अयोध्या और यहाँ तक कि भारत को भी उम्मीद है कि यह एक सुंदर शहर बनकर उभरेगा।”
राम मंदिर का निर्माण कुछ इस तरह होगा कि इस पर किसी प्रकार के कोई प्राकृतिक आपदाओं का असर नहीं होगा। हजारों सालों तक इस पर भूकंप जैसे प्राकृतिक आपदाओं का भी कोई असर नहीं होगा।
कर्नाटक के पुजारियों का वह वीडियो फिर से वायरल हो रहा है जब उन्होंने मंदिरों से दानपेटी हटा दी थी। ऐसा मंदिरों पर सरकारी नियंत्रण के विरोध में किया गया था।