ये सभी दलित और वाल्मीकि समुदाय के युवक थे, जिन्होंने भीम आर्मी जैसे संगठनों और फर्जी नारा देने वालों के बहकावे में आकर हिन्दू धर्म से विमुख होना शुरू कर दिया था।
विहिप ने 5000 ऐसे पुजारियों को प्रशिक्षित कर विभिन्न मंदिरों में नियुक्त किया है, जो एससी-एसटी हैं। विभिन्न राज्य सरकारों ने भी अपने पैनल में इन पुजारियों को जगह दी है।
"श्री रामजन्मभूमि मन्दिर का निर्माण भारत की प्राचीन निर्माण पद्धति से किया जा रहा है ताकि वह सहस्त्रों वर्षों तक न केवल खड़ा रहे, अपितु भूकम्प, झंझावात अथवा अन्य किसी प्रकार की आपदा में भी उसे किसी प्रकार की क्षति न हो।"
कर्नाटक के शृंगेरी स्थित आदि शंकराचार्य की मूर्ति को किसी अज्ञात व्यक्ति ने इस्लामिक झंडे से ढँक दिया। उस इस्लामी झंडे पर अरबी भाषा में काफी कुछ लिखा हुआ था।
अयोध्या में रामजन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण के शिलान्यास के बाद से ही काशी और मथुरा का मुद्दा भी गरमाता नजर आ रहा है। लोगों की निगाहें अब काशी विश्वनाथ मंदिर के फैसले पर टिकी हुई है।