भारत की बात

भारतीय दर्शन, परम्परा और सभ्यता से जुड़ी बातें और विचार

कुम्भ मेला

कैसे शुरू हुआ कुम्भ, क्या कहते हैं पुराण, क्यों है इसका इतना महत्व

आज की पीढ़ी के लिए इतना बड़ा आयोजन शायद फ़िज़ूल लग सकता है क्योंकि युवाओं की एक बड़ी संख्या अपने धर्म-संस्कृति एवं परम्पराओं के इतिहास से वंचित है।
अकबर नहीं था महान

राहुल गाँधी का इस्लाम और शांति: अक़बर और नरमुंडों का पहाड़ (भाग-1)

युद्ध के बाद दिल्ली में खोपड़ियों का एक इतना बड़ा टावर खड़ा किया गया जिसे पूरी दिल्ली देख सके। नरमुंडों का एक इतना विशाल ढेर, जिसे देख कर नृशंसता भी हज़ार बार काँपे।
swami vivekananda

उत्तिष्ठत जाग्रत: ज्ञान रूपी अस्त्र के हिमायती थे स्वामी विवेकानंद

हम information warfare में इतना पीछे हैं कि अपने एक राज्य जम्मू कश्मीर के बारे में भी सही सूचना देश को नहीं दे पाते।
विवेकानंद

असहाय विवेकानंद का निवेदन: माँ को हर माह 100 रुपए भेजते रहें

"संन्यासी को ऐसा दुःख का प्रदर्शन शोभा नहीं देता!" इस पर विवेकानंद ने उत्तर दिया, "संन्यासी हूँ तो क्या अपने हृदय की कोमलता का भी त्याग कर दूँ?"
माधो सिंह भण्डारी

बेटे की बलि देने वाले अकेले नहीं थे हज़रत इब्राहीम; जानिए वीर माधो सिंह की अमर गाथा

पहाड़ का सीना चीरकर नदी का पानी 'कूल' (सुरंग) बनाकर अपने गाँव मलेथा तक लेकर आने का काम महान योद्धा माधो सिंह भण्डारी ने किया था
सरदार पटेल

कश्मीर ही नहीं सिक्किम पर भी नेहरू की नीति अस्पष्ट थी: विकिलीक्स

सिक्किम राज्य के भारत में विलय की कहानी बहुत ही रोचक है लेकिन इस पर बहस होनी जरूरी है कि क्या नेहरू ने पटेल की बात न मान कर गलती की?

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