असम ने जब बांग्लादेशी नागरिकों को बाहर निकालने के लिए आंदोलन शुरू किया तो 22 साल के खरगेश्वर तालुकदार का बलिदान पहला दर्ज किया गया। इसी दिन को याद करते हुए शहीद दिवस मनाया जाता है।
वाराणसी में काशी-तमिल संगमम के चौथे संस्करण की तैयारी है। दुनिया के सबसे प्राचीन साहित्य तमिल और सांस्कृतिक केन्द्र वाराणसी एक- दूसरे को सीखने-सिखाने के लिए तैयार हैं।
शोध में कहा गया है कि सिंधु घाटी सभ्यता के पतन के पीछे लगातार आने वाले लंबे सूखे सबसे बड़ा कारण हो सकते हैं। इनमें 85 वर्ष और उससे अधिक समय तक चले सूखे भी शामिल हैं।
भारत में विलय के बाद जूनागढ़ को सौराष्ट्र राज्य में स्थान दिया गया लेकिन इसके विलय की प्रक्रिया चुनौतियों से भरी रही। इसका पूरा इतिहास हिंदुओं के खून से सना हुआ था।