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सिर्फ एक तीर का निशान और 10000 km दूर अंटार्कटिका के भूगोल की सारी जानकारी: जानिए सोमनाथ मंदिर में स्थापित ‘बाण स्तंभ’ का रहस्य

गुजरात के सोमनाथ मंदिर परिसर में स्थित एक रहस्यमयी स्तंभ, बाण स्तंभ आज भी श्रद्धालुओं और इतिहासकारों के लिए जिज्ञासा का केंद्र बना हुआ है।

पहले तोड़े हिंदू-जैन मंदिर, तब भरूच में खड़ी हुई जामा मस्जिद: जानिए क्या बताता है इतिहास, दस्तावेजों में सब दर्ज

ऐतिहासिक साक्ष्यों और जिला प्रशासन की वेबसाइट बताती है कि जामा मस्जिद का निर्माण प्राचीन जैन और हिंदू मंदिरों के अवशेषों पर हुआ है।

अंबेडकर मंदिर के खिलाफ नहीं थे: सोमनाथ मंदिर से जुड़ा उनका पत्र बताता है असली इतिहास, लेखक अनुज धर ने शेयर किया दस्तावेज

अंबेडकर ने सोमनाथ मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा में अपने मित्र को आमंत्रण देने के लिए मुंशी को पत्र लिखा था जिसे GROK ने AI जेनरेटेड बताया है। जानें क्यों AI के लिए ऐसे दस्तावेज पढ़ना मुश्किल है।

PM मोदी ने ‘मन की बात’ में जिस बौद्ध स्थल के बारे में बताया, उसका सुराग मिला एक तस्वीर से: जानें- कैसे फ्रांस के...

पीएम मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम के 129वें एपिसोड में कश्मीर के बारामूला के जहनपुरा बौद्ध साइट की खुदाई और कैसे इसका पता चला, इसके बारे में जानकारी दी।

कौन हैं पार्वती गिरी? जिन्हें मन की बात में PM मोदी ने किया याद: 16 साल की उम्र में स्वतंत्रता के लिए गईं जेल,...

प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मन की बात’ में ओडिशा की वीरांगना पार्वती गिरी को याद किया। 11 वर्ष की उम्र से स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय रहीं पार्वती गिरी ने भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लिया।

दलित अस्मिता की पहचान, सनातन संस्कृति के संरक्षक: जानिए कौन थे महाराजा बिजली पासी, जिनके किलों का पुनरुद्धार कराने में जुटी योगी सरकार

महान योद्धा महाराजा बिजली पासी ने विदेशी आक्रांताओं और हुकूमतों के खिलाफ डटकर संघर्ष किया और सनातन संस्कृति के संरक्षण में अहम भूमिका निभाई।

दीनदयाल जैसे 3 मिल जाएँ तो राजनीति बदल दूँगा, फिर मुखर्जी को मिले अटल: कहानी ‘प्रेरणा स्थल’ पर प्रज्वलित राष्ट्रवाद के तीन प्रकाश पुंज...

65 फुट ऊँचे अटल, मुखर्जी और उपाध्याय। 230 करोड़ की लागत से बने। PM मोदी ने 'राष्ट्र प्रेरणा स्थल' देश को समर्पित किया।

पेरूम्बिडुगु मुथारैयार द्वितीय के नाम पर डाक टिकट, जिनसे देश था अनजान: पढ़ें- वीर तमिल राजा सुवरन मारन के बारे में जो जीवन में...

पेरूम्बिडुगु मुथारैयार-II को सुवरन मारन नाम से भी जानते हैं। वो सातवीं-आठवीं सदी में तमिलनाडु के तंजावुर, त्रिची, पुदुकोट्टई पर राज करते थे।

बांग्लादेशी घुसपैठियों से असम को बचाने में 850+ बलिदान, 22 साल के खरगेश्वर पहले बलिदानी: 40000+ फर्जी वोटों के लिए कॉन्ग्रेस सरकार ने मारी...

असम ने जब बांग्लादेशी नागरिकों को बाहर निकालने के लिए आंदोलन शुरू किया तो 22 साल के खरगेश्वर तालुकदार का बलिदान पहला दर्ज किया गया। इसी दिन को याद करते हुए शहीद दिवस मनाया जाता है।

धधकाई राष्ट्रप्रेम की ज्वाला, पर इस्लामवादियों ने नहीं किया कबूल: नेहरू ने हटवाए माँ दुर्गा की स्तुति वाले छंद, ‘वंदे मातरम के 150 साल’...

लोकसभा की कार्यसूची में ‘राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पर चर्चा’ शामिल की गई है इसके लिए दस घंटे का समय निर्धारित किया गया है।

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