भारत की बात

कौन थे राजेंद्र चोल, जिन्होंने कंबोडिया-इंडोनेशिया तक फहराई सनातन की विजय पताका: PM मोदी ने तमिलनाडु के जिस मंदिर में की पूजा, क्यों पड़ा...

पीएम मोदी ने गंगईकोंडा चोलपुरम मंदिर में पूजा-अर्चना की, साथ ही चोल वास्तुकला व शैव धर्म पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।

42 साल बाद एक साथ खुले मंदिर-गुरुद्वारा के द्वार, एकसाथ गूँजेगी ‘गुरुवाणी’ और ‘जय श्रीराम’: 1984 के दंगों में जड़ा गया था ताला, CM...

वाराणसी का मंदिर और गुरुद्वारा परिसर, जो 1984 से बंद था, मुख्यमंत्री योगी की पहल से 42 साल बाद सौहार्दपूर्वक खोल दिया गया।

‘चर्बी वाले कारतूस’ को मंगल पांडे ने बनाया 1857 के स्वतंत्रता संग्राम का हथियार, डरे अंग्रेजों ने क्रान्तिकारी को 10 दिन पहले ही दे...

मंगल पांडे के बलिदान ने 1857 में अंग्रेजों के खिलाफ पहले बड़े विद्रोह की चिंगारी जलाई थी, जिसे हम भारत का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम कहते हैं।

शंख, सोना, हाथी के दाँत… कीलाडी में मिले 18000+ प्राचीन सामान: अमरनाथ रामकृष्ण की रिपोर्ट पर क्यों हो रहा विवाद, क्यों ASI-केंद्र के पीछे...

तमिलनाडु के कीलाडी में हुई खुदाई ने दक्षिण भारत में एक प्राचीन और शहरीकृत सभ्यता के अस्तित्व का प्रमाण दिया है। यह खुदाई 2014 में शुरू हुई थी।

दीवाल फाँद कर जिनकी कब्र पर फातिहा पढ़ने पहुँचे CM उमर अब्दुल्ला, वो शहीद नहीं ‘दंगाई’ थे: जानिए ’13 जुलाई’ का वह सच जिसे...

13 जुलाई के कथित शहीद इस्लामी दंगाई थे और महाराजा हरि सिंह का तख्तापलट करना चाहते थे। इनकी ही मजार पर उमर अब्दुल्ला ने फूल चढ़ाए हैं।

राजस्थान में मिला सरस्वती नदी का ‘पेलियोचैनल’, ‘मिथक’ बताने वाले वामपंथियों के सिले होठ: सदानीरा नदी के किनारे बसती थी प्राचीन वैदिक सभ्यता, रिसर्च...

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण को राजस्थान के डीग जिले में एक प्राचीन सूखी नदी का रास्ता मिला है। यह एक प्रमाण है कि सरस्वती नदी अस्तित्व में थी।

कॉन्ग्रेस की लगाई इमरजेंसी में बलिदान हो गए DMK के चिट्टीबाबू, स्टालिन को बचाने के लिए दे दी जान: आज वही तमिलनाडु CM हैं...

कॉन्ग्रेस के लगाए आपातकाल में चिट्टीबाबू ने स्टालिन को पुलिस की बर्बरता से बचाया, उनकी मौत कॉन्ग्रेस की तानाशाही का काला अध्याय है।

कहलाए नर्मदांचल के ‘शिवाजी’, मधुमक्खियों के छत्ते बने ‘हथियार’… कौन थे स्वतंत्रता की अलख जगाने वाले राजा भभूत सिंह: अब इनके ही नाम से...

एमपी की बीजेपी सरकार ने पंचमढ़ी में कैबिनेट की बैठक की। पंचमढ़ी में बैठक करने का मकसद नर्मदांचल के शिवाजी कहलाने वाले राजा भभूत सिंह को सम्मानित करना था

धर्म, शासन और सेवा का दुर्लभ संगम लोकमाता अहल्याबाई होल्कर: काशी से केदारनाथ तक जिनकी छाप, आत्ममंथन माँगती है 300वीं जयंती

आज के युग में क्यों प्रासंगिक हैं अहिल्याबाई होल्कर? आज जब राजनीति, प्रशासन और धर्म - तीनों में नैतिक मूल्यों का क्षरण हो रहा है, तब अहिल्याबाई जैसी विभूतियाँ प्रेरणा देती हैं कि ईमानदारी, त्याग और सेवा भाव से भी शासन चलाया जा सकता है।

इस्लामी हिंसा ने शरणार्थी बनाया, मिशनरी ताक़तों ने मार डाला… जब त्रिपुरा के बागबेर में हुआ हिन्दुओं का नरसंहार, चर्चों के पैसे से पलता...

NLFT एक ईसाई उग्रवादी संगठन था। इसका समर्थन कई चर्चों और विदेशी मिशनरी नेटवर्क से होता था। वे त्रिपुरा को एक स्वतंत्र ईसाई मुल्क बनाना चाहते थे।

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