1910 में 26 अगस्त को अल्बेनिया में पैदा हुई उस लड़की को दुनिया ने जाना 'मदर टेरेसा' के नाम से। उसे करुणा और सेवाभाव की मूर्ति के तौर पर वैसे ही प्रचारित किया गया, जैसे संत वेलेंटाइन को प्रेम का मसीहा बताया जाता है।
रिव्यू की शुरुआत में केआरके अभिनेता विजय देवरकोंडा को 'विजय एनाकोंडा' कहकर बुलाते हैं। फिल्म की कहानी को बाबा आदम के जमाने की बताते हुए कहा कि यही कहानी उनकी फिल्म 'देशद्रोही' की थी।