प्रोफेसर बद्री नारायण, जो सुहेलदेव और भगवान श्रीराम को मिथक बता चुके हैं। प्रोफेसर तेज प्रताप सिंह, जिन पर नक्सली हिंसा के लिए सुरक्षा बलों को जिम्मेदार ठहराने का आरोप है। दोनों MGCUB के कुलपति की रेस में शामिल।
'इस हरम में टीपू सुल्तान और उसके अब्बा की 600 महिलाएँ थीं, जिनकी रखवाली के लिए नपुंसकों को लगाया गया था। इनमें कई ब्राह्मणों और राजाओं की बेटियाँ थी, जिन्हें उनके अभिभावकों के सामने ही बलपूर्वक उठाया गया था।'