असलियत में मुगल इस देश में धर्मान्तरण, लूट-खसोट और अय्याशी ही करते रहे परन्तु नेहरू के आदेश पर हमारे इतिहासकारों नें इन्हें जबरदस्ती महान बनाया और ये सब हुआ झूठी धर्मनिरपेक्षता के नाम पर।
विकास खन्ना ने कहा कि उन्हें 'पक्षपात और भाई-भतीजावाद का पहला अनुभव' हुआ जब क्रिटिक्स में से एक ने उन्हें उनकी फिल्म के रिव्यू के लिए पैसे देने के लिए कहा और इसके लिए राजी नहीं होने पर उन्हें बर्बाद करने की धमकी भी दी गई थी।