Saturday, July 20, 2024
Homeविविध विषयमनोरंजनमिर्जापुर की सांस्कृतिक छवि ख़राब करने के लिए वेब सीरीज बनाने वालों को SC...

मिर्जापुर की सांस्कृतिक छवि ख़राब करने के लिए वेब सीरीज बनाने वालों को SC ने भेजा नोटिस

शिकायतकर्ता ने कहा कि मिर्ज़ापुर ने उनकी धार्मिक, सामाजिक और क्षेत्रीय भावनाओं को चोट पहुँचाई है, और कहा कि यह मिर्जापुर शहर की छवि को धूमिल करता है।

सुप्रीम कोर्ट ने बृहस्पतिवार (जनवरी 21, 2021) को वेब सीरीज़ मिर्जापुर (Mirzapur) और अमेजन प्राइम वीडियो (Amazon Prime Video) के निर्माताओं को एक नोटिस भेजा है। इस नोटिस में कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के जिला मिर्ज़ापुर (Mirzapur) की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक छवि खराब करने के सम्बन्ध में ओवर-द-टॉप (OTT) प्लेटफॉर्म और शो के निर्माताओं से जवाब माँगा है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, यह नोटिस मिर्जापुर जिले के निवासी एसके कुमार की एक याचिका पर जारी किया गया है। याचिकाकर्ता ने निर्माताओं पर उत्तर प्रदेश की छवि खराब करने का आरोप लगाया था। शिकायतकर्ता कुमार ने कहा कि मिर्ज़ापुर को ‘आतंक और अवैध गतिविधियों का केंद्र’ के रूप में चित्रित किया गया है।

मिर्जापुर नाम की यह वेब सीरीज नवंबर 16, 2018 को अमेज़न प्राइम वीडियो (Amazon Prime Video) पर लॉन्च की गई थी, जिसका दूसरा सीज़न कोरोना वायरस महामारी के बीच पिछले साल ही अक्टूबर माह में रिलीज़ किया गया था।

उत्तर प्रदेश में वेब सीरीज मिर्जापुर के निर्माताओं के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को अपमानित करने और एक विशिष्ट समुदाय को आपराधिक पृष्ठभूमि के रूप में प्रदर्शित करने के लिए FIR रिपोर्ट दर्ज होने के दो दिन बाद अदालत का नोटिस आया है।

रविवार (जनवरी 17, 2021) को मिर्जापुर के कोतवाली देहात पुलिस स्टेशन में यह एफआईआर स्थानीय पत्रकार अरविंद चतुर्वेदी की शिकायत के बाद दर्ज की गई, जिसमें वेब सीरीज के निर्माता रितेश सिधवानी, फरहान अख्तर, भौमिक गोंदालिया और अमेजन प्राइम वीडियो के नाम थे।

शिकायतकर्ता ने कहा कि वेब सीरीज ने उनकी धार्मिक, सामाजिक और क्षेत्रीय भावनाओं को चोट पहुँचाई है, और कहा कि यह मिर्जापुर शहर की छवि को धूमिल करता है। इसके अलावा, शिकायतकर्ता ने कहा कि वेब सीरीज मिर्ज़ापुर अपमानजनक सामग्री, अनाचार और अवैध संबंधों को भी दिखाती है।

हिन्दू घृणा से सनी वेब सीरीज पर जमकर हो रही हैं FIR

मिर्जापुर को यह नोटिस ऐसे समय पर भेजा गया है, जब हिन्दू घृणा में लिप्त होने के आरोप में कई अन्य वेब सीरीज भी दर्शकों के निशाने पर हैं। खासकर, ‘तांडव’ फिल्म इस समय पूरे देश में लोगों की प्रतिक्रिया के कारण चर्चा का विषय बनी हुई है।

अमेजन प्राइम की वेब सीरीज तांडव (Tandav) पर भारत के अलग-अलग हिस्सों में विवादित वेब सीरीज से जुड़े मेकर्स, डायरेक्टर और राइटर के खिलाफ केस दर्ज किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में अब एक नई एफआईआर मुंबई में और एक शिकायत इंदौर न्यायालय में भी दायर की गई है।

इसके अलावा, महाराष्ट्र के मुंबई में भी फिल्म के खिलाफ एक और एफआईआर दर्ज हो गई है। मुंबई के घाटकोपर पुलिस स्टेशन में IPC की धारा 153 (A) 295 (A) 505 के तहत तांडव वेब सीरीज को लेकर FIR दर्ज हुई है। निर्माता, निर्देशक और कलाकारों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

फैक्ट चेक’ की आड़ लेकर भारत में ‘प्रोपेगेंडा’ फैलाने की तैयारी कर रहा अमेरिका, 1.67 करोड़ रुपए ‘फूँक’ तैयार कर रहा ‘सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर्स’...

अमेरिका कथित 'फैक्ट चेकर्स' की फौज को तैयार करने की योजना को चतुराई से 'डिजिटल लिटरेसी' का नाम दे रहा है, लेकिन इनका काम होगा भारत में अमेरिकी नरेटिव को बढ़ावा देना।

मुस्लिम फल विक्रेताओं एवं काँवड़ियों वाले विवाद में ‘थूक’ व ‘हलाल’ के अलावा एक और पहलू: समझिए सच्चर कमिटी की रिपोर्ट और असंगठित क्षेत्र...

काँवड़ियों के पास ये विकल्प क्यों नहीं होना चाहिए, अगर वो सिर्फ हिन्दू विक्रेताओं से ही सामान खरीदना चाहते हैं तो? मुस्लिम भी तो लेते हैं हलाल?

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -