'बाला सेक्टर' उसी 1990 के भयानक रक्तपात से शुरू होती है। जेहादियों के दल ने अपने ही रक्षक को कैसे मौत के घाट उतारा.. ये सब आपको पहले ही खण्ड में मिल जाएगा।
वकील निरंजन मुंदरगी ने कहा कि उनके मुवक्किल का नाम बेवजह संवेदनशील मामले में घसीटा गया था, जबकि उनका साक्षात्कार दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मृत्यु को लेकर था।