दान की भूमि पर मस्जिद का निर्माण नहीं किया जा सकता है, ऐसा होने पर मस्जिद में की गई दुआ कबूल नहीं होती है। नतीजतन मुस्लिम समाज को उस स्थान पर अस्पताल और विद्यालय खोलना चाहिए।
तीन दशकों में पूरी दुनिया के सोचने, समझने और शिक्षा को बेहतर तरीके से पहुँचाने का तरीका बदल जाता है, लेकिन भारत उसी वामपंथी नीति पर अटका था, जो कि इसकी जड़ों को दीमक की तरह खोखला करता रहा।
रौनाही में मिली जमीन पर मस्जिद निर्माण के लिए आज ट्रस्ट का गठन कर लिया गया है। यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड संस्थापक ट्रस्टी बना है और इस ट्रस्ट में 15 सदस्य होंगे।