जाधव को ईरानी बंदरगाह से अगवा कर पाकिस्तान ने जासूसी और आतंकवाद के जुर्म में 2017 में मौत की सज़ा सुनाई थी। इसके खिलाफ भारत ने आईसीजे का दरवाजा खटखटाया था। अंतरराष्ट्रीय अदालत ने सजा के तामील पर रोक लगा दी थी।
4 सिंतबर के बाद अगले तीन दिनों तक लैंडर विक्रम चाँद के सबसे नजदीकी कक्षा 35×97 में चक्कर लगाता रहेगा। 7 सितंबर को चांद के दक्षिणी ध्रुव में लैंडर विक्रम की लैंडिंग होगी।
रिसर्च के मुताबिक बेल्ट एन्ड रोड में शामिल 126 देश दुनिया की 28% एमिशन के लिए ज़िम्मेदार हैं और 2050 तक ये आँकड़ा 66% तक चला जाएगा। चीन विश्व का सबसे बड़ा कार्बन उत्सर्जक है और दुनिया में मानव जनित कार्बन उत्सर्जन में 30 फीसद योगदान उसी का रहता है।
टॉमस चेकोवस्की ने कहा कि कश्मीर में स्थानीय चुनावों के दौरान आतंकी हमलों की घटनाएँ सबसे ज्यादा हुई। जो नेता चुनावों में हिस्सा ले रहे थे, उन्हें धमकियाँ मिल रही थी। उन्होंने कहा कि ज्यादातर पाकिस्तानी आतंकी संगठन पीओके से ही संचालित हो रहे हैं।
ऑपरेशन ख़त्म होते ही जीवनाथन गायब हो गए। उन्होंने अपने अंतर्गत कार्य कर रहे लोगों से साफ़ कह दिया कि वे ऐसा समझें कि कोई जीवनाथन था ही नहीं। नेपाल के कई नेता जीवनाथन को खोजते हुए भटक रहे थे लेकिन जीवनाथन तो कोई था ही नहीं।
पुलिस उपायुक्त चेतन सिंह राठौर ने कहा, "हमने दोनों पक्षों से ज़मीन के मालिकाना हक़ से संबंधित दस्तावेज़ प्रस्तुत करने को कहा है। दस्तावेज़ बताते हैं कि वर्ष 1860 के दौरान ब्रिटिश शासन में इस सार्वजनिक संपत्ति के मालिक मैसूरु के वोडेयार शासक थे।"
पीड़िता से जबरन इस्लाम क़बूल करवाकर उसका निक़ाह हाफ़िज़ सईद के आतंकी संगठन के जमात-उद-दावा के मोहम्मद हसन से करवा दिया था। इस घटना से आहत सिख समुदाय ने पाकिस्तान में सिख परिवारों की सुरक्षा की माँग करते हुए विरोध-प्रदर्शन किया है।
हरिवंश ने कहा, "दुनिया जानती है कि कैसे पाकिस्तान ने अपने ही देश के एक हिस्से में नरसंहार किया, जिसे अब स्वतंत्र बांग्लादेश के नाम से जाना जाता है...मैं पूछना चाहता हूँ कि इस देश को इस देश को मानवाधिकार से जुडे़ मुद्दों को उठाने का क्या अधिकार है?"
पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यक समुदाय की लड़कियों को अगवा कर इस्लाम कबूल करवाने का सिलसिला पुराना है। ऐसे ज्यादातर मामलों में पुलिस भी कोई कार्रवाई नहीं करती। इसके कारण आबादी 15 साल में घटकर 8 हजार हो गई है।
वेटिकन में बिजली जाने से पोप फ्रांसिस 25 मिनट तक लिफ्ट में फँसे रहे। स्थिति ऐसी हो गई कि उन्हें लिफ्ट से निकालने के लिए दमकलकर्मियों को बुलाना पड़ा। लिफ्ट से सकुशल निकाले जाने के बाद ईसाईयों के सर्वोच्च धर्मगुरु ने दमकलकर्मियों का आभार जताया।