सोनाक्षी सिन्हा के ख़िलाफ़ आईपीसी (भारतीय दंड संहिता) की धारा-420 के तहत 24 लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला दर्ज है। इंडिया फैशन एंड ब्यूटी अवॉर्ड कार्यक्रम में आने के लिए पूरी रकम लेने के बाद भी सोनाक्षी ने अचानक कार्यक्रम में आने से इनकार कर दिया था।
अंतरराष्ट्रीय सेलेब्रिटीज की बात करें तो अमेरिकी गायिका टेलर स्विफ्ट 1263 करोड़ रुपए की कमाई के साथ इस सूची में टॉप पर विराजमान हैं। उनके बाद 1161 करोड़ रुपए की कमाई के साथ काइली जेनर का स्थान आता है। सबसे बड़ी बात यह है कि इस सूची में शीर्ष 2 पर महिला सेलेब्रिटीज का ही कब्ज़ा है।
आईपीएल में पॉइंट्स टेबल में शीर्ष 2 स्थानों पर काबिज टीम को प्लेऑफ में हारने पर दूसरा मौक़ा मिलता है। जबकि वर्ल्ड कप में खेल रही टीमों का पिछले मैचों में अच्छे प्रदर्शन से कोई लेना-देना नहीं होता। एक हार और सब कुछ ख़त्म।
इन तीनों चैनलों का गुनाह बस इतना था कि इन्होंने जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ की बेटी मरियम शरीफ के प्रेस कॉन्फ्रेंस को लाइव प्रसारित किया था। नवाज शरीफ और पाकिस्तानी फौज की आपस में कभी नहीं बनी।
यूरोपियन पार्लियामेंट के सदस्यों द्वारा हाल ही में जारी की गई रिपोर्ट में पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों के साथ होने वाले जुल्मों का उल्लेख किया गया है। इस रिपोर्ट के मुताबिक हर साल अल्पसंख्यक समुदाय की करीब एक हजार लड़कियों का जबरन धर्म बदलवाया जाता है।
जुलाई 2014 से मई 2019 की अवधि में ग्रुप-ए के 36,756 और ग्रुप-बी के 82,654 अधिकारियों की समीक्षा की गई। इस समीक्षा के दौरान ग्रुप के 312 अधिकारी भ्रष्ट पाए गए।
महबूबा-अब्दुल्ला कहते हैं कि अमरनाथ यात्रा की वजह से कश्मीरियों को समस्या आ रही हैं, जबकि सच्चाई कुछ और ही है। असल में इस यात्रा की वजह से कश्मीर के कई लोगों का व्यापार चलता है और उन्हें इस यात्रा से रोज़गार मिलता है। नेताओं के बयानों से उलट, अमरनाथ यात्रा कश्मीरियों के लिए वरदान बन कर आती है।
“मीडिया का एक सेक्शन है जो दीमक की तरह हमारे देश में लगा है। ये जो दोगली मीडिया है, बिकाऊ मीडिया है, जो ख़ुद को लिबरल कहती है, सेकुलर कहती है और कुछ भी नहीं है दसवीं फेल है... ये लोग सूडो लिबरल हैं और ये लोग बिल्कुल भी सेकुलर नहीं हैं।”
"कैबिनेट ने बच्चों के प्रति अपराधों की गंभीरता को देखते हुए इससे निपटने के लिए पॉक्सो कानून में संशोधनों को मंजूरी दी है।" सरकार का मानना है कि इन संशोधनों से बाल उत्पीड़न पर अंकुश लगेगा, क्योंकि कानून में शामिल किए जाने वाले दंडात्मक प्रावधान निवारक का काम करेंगे।
इससे पहले यह मामला मई 2019 में सामने आया था जब सुप्रीम कोर्ट ने एक दायर जनहित याचिका के आधार पर सीनियर एडवोकेट इंदिरा जयसिंह, आनंद ग्रोवर और उनके एनजीओ ‘लॉयर्स कलेक्टिव’ को एक नोटिस जारी किया था। यह नोटिस प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने जारी किया था।