आज दिन में PM नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह ऑपरेशन बेहद मुश्किल था, लेकिन भारतीय वैज्ञानिकों और DRDO की टीम ने यह कर दिखाया है। सिर्फ तीन मिनट में लो अर्थ ऑरबिट सैटेलाइट (Low Earth Orbit Satellite) को ध्वस्त कर दिया गया।
मिशन शक्ति वैश्विक राजनीति में भारत की बढ़ती धाक का एक वसीयतनामा है। नरेंद्र मोदी ने पिछले पाँच वर्षों के दौरान जिन कूटनीतिक रिश्तों को मजबूती दी है, वे सभी सरकार को परीक्षण करने का विश्वास दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए होंगे।
आपने अक्सर सुना होगा कि फलाँ कम्पनी चाँद पर ज़मीन बेच रही है या फलाँ उद्योगपति ने वहाँ ज़मीं ख़रीदी। यह सब आउटर स्पेस ट्रीटी की अस्पष्टता के कारण होता है। हालाँकि, ये संधि बाह्य अंतरिक्ष में अस्त्र-शस्त्र की तैनाती को रोकती है।
जानिए कैसे चीन ने विकसित की Anti-Satellite तकनीक और किया उसका सफल परीक्षण। क्या था उस समय दुनिया की प्रतिक्रिया? उसके बाद के घटनाक्रमों का विस्तृत विवरण। रूस-अमेरिका के ऐसे परीक्षणों के बारे में जानकारी।
2012 में DRDO के प्रमुख वीके सारस्वत थे। एक दिन उन्होंने देश को चौंका दिया, यह घोषणा करके कि भारत के पास Low Earth Orbit और Polar Orbit में परिक्रमा करने वाले सैटेलाइट को निष्क्रिय करने लायक ऐंटी सैटलाइट वेपन की सारी तकनीक और उसे बनाने के लिए सारे कल-पूर्जे मौजूद हैं।
भारत ने अंतरिक्ष में आज एक और कामयाबी का परचम लहराया है और मिशन शक्ति की सफलता के साथ अमेरिका, चीन, रूस के बाद भारत दुनिया का चौथा सबसे शक्तिशाली देश बन गया है।
हमारे वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष में 300 किलोमीटर दूर LEO (Low Earth Orbit) में एक लाइव सैटेलाइट को मार गिराया है। ये लाइव सैटेसाइट जो कि एक पूर्व निर्धारित लक्ष्य था, उसे एंटी सैटेलाइट मिसाइल (A-SAT) द्वारा मार गिराया गया है।
"भारत ने अपना नाम अंतरिक्ष महाशक्ति के रूप में दर्ज करा लिया है। अब तक अमेरिका, रूस और चीन को ही यह उपलब्धि हासिल है। भारत चौथा देश है जिसने आज यह सिद्धि प्राप्त की है।"
सरकार के आँकड़ों के अनुसार देश की अक्षय ऊर्जा की स्थापित क्षमता 58,300 मेगावॉट है। सरकार ने 2022 तक इसे बढ़ाकर 1,75,000 मेगावाट रखने का लक्ष्य रखा है। जिसमें 1,00,000 मेगावाट क्षमता सौर ऊर्जा की होगी।
इस स्मार्ट पोल उपक्रम के ज़रिए बीएसएनएल 5G की दौड़ में शायद सबसे आगे निकाल गया है। यह पोल्स बीएसएनएल को 5G व इन्टरनेट-ऑफ़-थिंग्स (IoT) के लिए तैयार करेंगे।