वीडियो में उसने रामभद्राचार्य को 'डर के साए में जीने वाला प्राणी' बताते हुए 'गुंडा' करार दिया और कहा कि मुलायम-कांशीराम के डर से 'जय श्री राम' नहीं बोल पा रहे थे।
पत्रकार अहमद खबीर ने झूठा दावा किया था कि तेलंगाना में हिंदुओं ने तीन मुस्लिमों को पीटा और शराब पीने के मजबूर किया। खुद को महिला बता कर और लड़कियों की तस्वीरें ट्वीट कर के बढ़ाए थे फॉलोवर्स।