वैज्ञानिक से वकील और तथाकथित कार्यकर्ता से राजनेता बने मुकुल सिन्हा और उनकी पत्नी ने अपना पूरा राजनीतिक करियर गुजरात दंगों में मारे गए लोगों की लाशों पर बनाया है।
संदीप निषाद का बचपन काफी गरीबी में बीता था। पिता संतराम एक साधारण किसान हैं। घर पर ठीक से छप्पर तक नहीं है। एक बहन भी है। उम्र मात्र 26 की थी। 2 साल पहले ही हुई थी शादी।