उस्मान हिरोली ने कहा, "मुस्लिम चाहे जहाँ कहीं भी हैं - सउदी, दुबई या कुवैत, उन्हें बुलाकर वोटिंग करवाओ। जो लोग फौत (मृत्यु) हो गए हैं उनको भी हाजिर कीजिए।"
नितिन ने ये भी बताया कि अदालत में उनके पिता के हत्याकांड से संबंधित सुनवाइयों में भी उन्हें नहीं बुलाया जाता है। उन्हें कहा जाता है कि कॉल करेंगे, लेकिन कॉल आता नहीं।