अस्पताल में भर्ती शेख इस्माइल नामक एक युवक की मृत्यु हो गई। उसके परिजन बड़ी संख्या में लोगों को लेकर अस्पताल पहुँचे और वहाँ तोड़फोड़ की और डॉक्टर के साथ मारपीट की गई।
आसपास के इलाके के सभी पुरुष गायब हैं और महिलाएँ चुप्पी साधी हुई हैं। बम ब्लास्ट इतना तगड़ा था कि मदरसा जमींदोज हो गया। पल्सर से चलने वाला मौलाना बच्चों को उर्दू और मजहबी शिक्षा देता था।
पारस हॉस्पिटल पर कार्रवाई के बाद एक विस्तृत वीडियो पारस हॉस्पिटल के डॉक्टर का आया है। जिसमें उन्होंने मीडिया में वायरल मॉक ड्रिल वीडियो के आधार पर 22 कोविड मरीजों के मरने के दावे को ख़ारिज किया है।
बाबा रामदेव ने नोटिस के जवाब में कहा कि उनकी टिप्पणियों को संदर्भ से बाहर ले जाया गया। वह केवल प्रयोगात्मक चिकित्सा के अत्यधिक उपयोग पर सवाल उठा रहे थे।
जम्मू-कश्मीर में कोविड टीके को लेकर शुरुआत में लोगों में झिझक होने के बावजूद 45 से अधिक आयु वर्ग के करीब 70 प्रतिशत लोगों को टीके की खुराक दी जा चुकी है, जो राष्ट्रीय औसत का दोगुना है।