“समस्या यह है कि पूरा तंत्र ऐसा बना हुआ है जिसमें देश विरोधी ताकतों को फलने-फूलने का मौक़ा मिलता है। इस भ्रष्ट तंत्र के विरुद्ध हमारी संख्या बहुत कम है लेकिन मैं इस बात को लेकर आश्वस्त हूँ कि एक न एक दिन बदलाव आएगा।"
भारतीय किसान यूनियन की याचिका में माँग की गई है कि कृषि सुधार क़ानूनों से संबंधित पूर्व याचिकाओं पर सुनवाई हो। केंद्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि क़ानून कृषि क्षेत्र को निजीकरण की तरफ लेकर जाएँगे।
बूता सिंह ने कहा ने कहा कि उनका यह निर्णय आज की मीटिंग में लिया गया है कि अब भारत के सभी लोग पटरियों पर उतरेंगे। संयुक्त किसान मंच इसकी तारीख तय करेगा और घोषणा होगी।
जाँच में पता चला कि लड़की 13 दिन पहले फरार हुई थी। तलाश के बाद भी उसका सुराग किसी को नहीं मिला। उसके परिवार ने उसके गायब होने की रिपोर्ट भी करवाई हुई है।
विजयपाल सिंह कजरी निरंजनपुर स्थित निजी स्कूल अकाल एकेडमी में बतौर उपप्रधानाचार्य कार्यरत थे। किसान आंदोलन से संबंधित एक वायरल वीडियो पर टिप्पणी करने के बाद उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया।