वसीम बारी और उनके भाई तथा पिता की हत्या करने वाले की पहचान आबिद हक्कानी के रूप में हुई है। वह बांदीपोरा पुलिस स्टेशन पर लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ था।
दोनों 24 फरवरी को उस वक्त ताहिर हुसैन के कार्यालय में ही थे जब उसके बेसमेंट में लोग इकट्ठा हो रहे थे और आप का निलंबित पार्षद उनसे गोपनीय बातें कर रहा था।
जब पुलिस विकास दुबे को पकड़ने में सफल नहीं हो पा रही थी तो लिबरलों ने कहा कि योगी सरकार ब्राह्मण अपराधियों को बचाना चाह रही है। लिबरलों ने नैरेटिव फैलाया कि छोटे अपराधियों का एनकाउंटर किया जाता है.......
देशद्रोह के मामले में आरोपित शरजील इमाम ने अपनी याचिका में दावा किया था कि जाँच एजेंसी कानूनी प्रक्रिया का उल्लंघन कर रही हैं और उससे उसकी जमानत का अधिकार छीन रही है।