ग्रामीणों का दावा है कि पुलिस ने समुदाय विशेष से कहा कि वे ₹2 लाख दे दें तो मामला रफा-दफा कर दिया जाएगा। ग्रामीणों को सूचना मिली कि अंत में ₹60,000 पर सब तय हुआ। पत्रकारों को पहले ही कह दिया गया था कि वो वीडियो कहीं नहीं भेजें।
देश के साथ-साथ दिल्ली में तेजी से कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ाने के लिए जिम्मेवार तबलीगी जमात को लेकर केजरीवाल ने पहली बार सच को स्वीकार कर लिया है। पीएम मोदी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिग जरिए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि तबलीगी जमातियों के चलते कोरोना से जूझने के लिए सरकार को और वक्त चाहिए।
“पुलिस जब मौके पहुँची तो मस्जिद के भीतर 20-25 लोग थे जो नमाज की तैयारी कर रहे थे। उनमें से सात को गिरफ्तार कर लिया गया है। बाकी लोग भाग गए, जिनमें एक मौलाना भी था।”
मृत बच्चे के पिता का कहना है कि जहानाबाद सदर अस्पताल में डॉक्टरों ने रिशू को पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर कर दिया। लेकिन एंबुलेंस का कोई इंतजाम नहीं किया, जबकि अस्पताल में दो-तीन एंबुलेंस खड़ी थीं। लॉकडाउन के कारण वे खुद भी किसी निजी गाड़ी का इंतजाम नहीं कर पाए।
फिलहाल चाँदनी महल में कर्फ्यू जैसे हालात हैं। चारों ओर सन्नाटा पसरा हुआ है और भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। कहा जा रहा है कि इलाक़े में कई मस्जिदों में अभी भी जमाती छिपे हुए हैं, जो सामने नहीं आ रहे हैं और इलाज कराने से इनकार कर रहे हैं।
कोरोना पॉजीटिव पाए गए पुलिस अधिकारी ने एक अभियान के तहत मस्जिद में छिपे तबलीगी जमात से जुड़े 21 विदेशी नागरिकों को पकड़ा था। फिलहाल कोरोना पीड़ित अधिकारी को महाराष्ट्र के नासिक के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस कर्मियों पर अपने 3 अन्य साथियों के साथ पथराव करने वाला जावेद खान इंदौर के टाटपट्टी बाखल में मेडिकल टीम पर पथराव करने वालों में भी शामिल था। इस घटना के बाद पुलिस ने जावेद और उसके साथियों को रासुका के तहत गिरफ्तार कर लिया था। अब जावेद के संपर्क में आए हुए जेल में अन्य कैदियों पर भी कोरोना का डर मंडरा रहा है।
मेरठ में पुलिस ने 11 हॉटस्पॉट चिह्नित किए हैं, जिन्हें सील किया जाना है। ये 11 कोरोना हॉटस्पॉट 9 थानों के अंतर्गत आए हैं। इनमें से 3 मस्जिद वाले इलाक़े हैं। इनमें से एक जली कोठी वाला इलाक़ा भी है, जहाँ की दरी वाली मस्जिद में 3 जमाती रुके हुए थे।
एक जिला जहॉं 93 फीसदी आबादी हिंदू है, संक्रमण पर काबू पाने के तरीकों से मॉडल बन जाता है। एक इलाका जहॉं 90 फीसद मुस्लिम हैं वहॉं लॉकडाउन फेल हो जाता है। फिर कर्फ्यू और उसके बाद महाकर्फ्यू लगाना पड़ता है। बावजूद वह संक्रमण का एपिसेंटर बना हुआ है। जबाव कड़वा है, पर सच यही है।
अभी तक पाँच राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अपनी बात रखी। इनमें से तीन ने लॉकडाउन 30 अप्रैल तक बढ़ाने को कहा। तीनों विपक्ष के शासन वाले राज्य हैं: महाराष्ट्र, पंजाब और दिल्ली।