कुछ दिन पहले ही शेहला ने ट्वीट के जरिए नरेन्द्र मोदी के समर्थन में चंद शब्द लिखे थे, लेकिन अब ऐसे ट्वीट्स की मात्रा बढ़ती जा रही है, जिसने लिबरल्स की परेशानियाँ बढ़ा दी हैं।
इस तरह देखें तो लॉकडाउन की वैसे तो कोई ठीक-ठीक परिभाषा मौजूद नहीं है, लेकिन आमतौर पर संक्रमण को रोकने के लिए सरकारें इस तरह के कदम उठाती हैं। लॉकडाउन में सरकार का लक्ष्य यह होता है कि लोग यहाँ-वहाँ कम आएँ-जाएँ। जनता का आवागमन बाधित हो, जिससे संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए अब देश की राजधानी दिल्ली को भी पूरी तरह लॉकडाउन करने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही दिल्ली के बॉर्डर एरिया को सील कर दिया जाएगा और...
कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए राजस्थान, उड़ीसा, पंजाब, चंडीगढ़ और उत्तराखंड ने पूरी तरह से लॉकडाउन का ऐलान कर दिया है। इसके अलावा महाराष्ट्र, गुजरात, बिहार, मध्य प्रदेश, नागालैंड और केरल में भी आंशिक लॉकडाउन किया गया है। वहीं पश्चिम बंगाल और दिल्ली में सोमवार (मार्च 23, 2020) शाम से लॉकडाउन की घोषणा की गई है।
अब तक देश में 344 मामले सामने आ चुके हैं। विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि अब इस वायरस का प्रकोप तीसरे स्टेज में पहुँच रहा है, जो चिंता का विषय है। गुजरात में सरकार ने लॉकडाउन की भी घोषणा की है। अभी तक देश भर के विभिन्न राज्यों में लगभग 75 जिलों में लॉकडाउन की घोषणा की जा चुकी है।
काशी की खास पहचान कल-कल बहती गंगा की मौज तो वही है, बस किनारे पर हलचल थम सी गई है। आज सुबह से ही गंगा में अठखेलियाँ करती नौकाएँ किनारे पर बँधी नजर आईं और कोरोना अलर्ट की वजह से मंदिरों, मठों तक में माहौल बेहद शांत है और गतिविधियाँ काफी सीमित रहीं।
कोरोना वायरस संक्रमण के चलते कई राज्यों जैसे पंजाब, राजस्थान आदि के पूरी तरह लॉक डाउन किए जाने और देश भर के कोरोना प्रभावित 75 जिलों के लॉक डाउन के बाद अब दिल्ली में सीआरपीसी सेक्शन 144 लागू कर दिया गया है। इससे 4 से ज्यादा लोगों के एक जगह इकट्ठा होने को प्रतिबंधित किया गया है।
31 मार्च तक देश में यात्री ट्रेनें पूरी तरह बंद रहेंगीं, इसमें मेल, सुपरफास्ट और पैसेंजर सभी प्रकार की ट्रेनें शामिल हैं। इस दौरान केवल मालगाड़ी ही चलेंगी और जो यात्री ट्रेनें अपने सोर्स स्टेशनों से गंतव्य की ओर रवाना हो चुकी हैं, वे सभी अपनी-अपनी यात्रा पूरी कर गंतव्य स्टेशनों पर ही हॉल्ट करेंगीं।
कपिल मिश्रा ने एक विडियो शेयर कर बताया है कि बौखलाहट में शाहीन बाग के प्रदर्शनकारी आपस में ही सिर-फुटव्वल कर रहे हैं। ऐसे में यह अंदेशा जताया जा रहा है कि पेट्रोल बम फेंका जाना भी इनके आपसी लड़ाई का ही नतीजा है।
मुस्तफा 10 मार्च को दुबई से लौटा था। एक हफ्ते अहमदाबाद में रहने के बाद वह 17 को जामनगर पहुॅंचा। वहॉं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उससे संपर्क किया। लेकिन आइसोलेशन में भेजे जाने से पहले वह फरार हो गया।