तेलंगाना के रहने वाले इस व्यक्ति के अनुसार तबलीगी जमात पूरी दिनचर्या तय करता है। खाने-पीने से लेकर मल-मूत्र त्याग करने तक सब कुछ। यहाँ तक कि सेक्स कैसे करना है, ये भी जमात ही सिखाता था। यह भी कहा जाता था कि बीमार पड़ने पर डॉक्टरों के पास नहीं जाना चाहिए और अल्लाह में यकीन करना चाहिए।
देवकी भंडारी ने बताया कि बैंक में एफडी और पेंशन की रकम से कुल 10 लाख रुपए जमा हुए थे। कोरोना संकट को देखते हुए उन्होंने जीवन भर की कमाई इस महामारी से लड़ने के लिए प्रधानमंत्री केयर फंड में दे दी है।
अस्पताल ने शव WHO प्रोटोकॉल के तहत सील बॉडी बैग में सौंपा था। लेकिन मृतक के बेटों ने इसकी अनदेखी करते हुए बैग से शव निकाल स्नान कराया। लोगों को जुटाकर जनाजा निकाला और पूरे रीति-रिवाज के साथ शव को दफनाया।
प्रतीक चिह्न की ऊपरी परिधि में ट्रस्ट का नाम लिखा है, जबकि नीचे 'रामो विग्रहवान धर्म:' अंकित किया गया है, जिसका अर्थ है- भगवान श्रीराम धर्म के साक्षात् साकार रूप हैं। इस तस्वीर में भगवान अभयदान की मुद्रा में दिख रहे हैं।
भारतीय चिकित्सा अनुसन्धान परिषद ने बताया कि अभी तक उसने कुल 1,21,271 टेस्ट किए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने आश्वस्त किया कि देश में हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन की कोई कमी नहीं होगी। मंत्रालय ने कहा कि न कोई कमी है और न ही भविष्य में ऐसा होने की कोई संभावना है।
सेवा भारती 1200 संस्थाओं के साथ मिल कर ये सुनिश्चित करने में जुटी है कि कोई इलाक़ा राहत के दायरे से बाहर न हो। 26 लाख लोगों के भोजन की जिम्मेदारी संगठन ने उठा रखी है। सबसे ज्यादा स्वयंसेवक केरल में लगाए गए हैं।
पत्थरबाजी की घटना को लेकर पुलिस ने नासिर, इस्लाम, समीर और सलीम को गिरफ्तार किया है। इन सब पर 'नेशनल सिक्योरिटी एक्ट' के तहत कार्रवाई की जाएगी। थूकने के मामले में मोइज अली और जुजेर हुसैन को गिरफ्तार किया गया है।
एक दिन में ही 18 जनाजे सिर्फ उन्हीं चार कब्रिस्तान में पहुँचे जो क्वारंटाइन एरिया के लिए ही हैं। 7 अप्रैल तक जितने भी कोरोना के कारण मौत के मामले आए उनमें से अकेले 13 सिर्फ़ इंदौर से हैं। इसलिए प्रशासन के लिए ये खुलासा एक चिंता का विषय है।
मामले की जाँच के लिए पुलिस परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों को भी खंगाल सकती है। इस क्वारंटाइन सेंटर में 200 लोगों को रखा गया है, जो कि दिल्ली मरकज से जुड़े हुए हैं।
उन लोगों ने दोनों स्वास्थ्यकर्मियों को एनआरसी का सर्वे करने वाला बताया। फिर उनसे विवाद शुरू कर दिया। महिला द्वारा जोर-जोर से चिल्लाने पर आरोपित निगारा खातून सहित आसपास की करीब 30 महिलाएँ व कुछ पुरुष वहाँ पहुँच गए। सभी ने मिलकर दोनों स्वास्थ्यकर्मियों को घेर लिया और उनसे मारपीट की।