56 वर्षीय एक व्यक्ति ने पिंपड़ी में ‘ग्रामसेवक’ को सूचना दी कि यहॉं के सात लोग दिल्ली गए थे। वहॉं निजामुद्दीन में जमात के कार्यक्रम में शामिल हुए और हाल में गॉंव लौटे हैं। उसने इनका कोरोना वायरस टेस्ट कराने पर भी जोर दिया। इससे नाराज जमात के कार्यक्रम में शामिल हुए लोगों ने उसकी पिटाई कर दी।
पुलिस ने लोगों को समझाने की कोशिश करते हुए मस्जिद में इकट्ठा नहीं होने और अपने घरों में नमाज पढ़ने को कहा। इसके बाद उनकी पुलिस से नोंकझोंक हो गई। इसी बीच किसी ने अफवाह फैला दी कि पुलिस मौलवी को पीटते हुए थाने ले जा रही है। इसके स्थानीय लोगों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया।
मीरान हैदर मूल रूप से बिहार के सीवान का रहने वाला है। पुलिस के मुताबिक हैदर के खिलाफ दंगों को भड़काने और साजिश के सबूत मिले हैं। उसने शाहीन बाग, जामिया व अन्य जगहों पर विरोध-प्रदर्शन के दौरान भी लोगों को उकसाया था।
सीएमओ ने एमएमजी हॉस्पिटल के क्वारंटाइन सेंटर में भर्ती तबलीगी जमात के लोगों द्वारा नर्सों से बदतमीजी करने की शिकायत की थी। शिकायत में बताया गया था कि क्वारंटाइन में रखे गए तबलीगी जमात के लोग बिना पैंट के घूम रहे हैं। नर्सों को देखकर भद्दे इशारे करते हैं। बीड़ी और सिगरेट की डिमांड करते हैं।
आइसोलेशन में रखे गए जमाती बिना कपड़ों, पैंट के नंगे घूम रहे हैं। यही नहीं, आइसोलेशन में रखे गए तबलीगी जमाती अश्लील वीडियो चलाने के साथ ही नर्सों को गंदे-गंदे इशारे भी कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पर एक युवक का वीडियो वायरल हो रहा था जिसमें युवक कोरोना वायरस को अल्लाह का अजाब बताकर पाँच सौ के नोटों की गड्डी पर नाक और मुँह पोंछते हुए नजर आ रहा था। नासिक पुलिस ने उस शख्स की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
अपनी गाड़ी उन्होंने काफी पहले छोड़ दी। फिर खुली हुई राशन की दुकान पर घूँघट में अन्य खरीदारों के बीच शामिल हो गईं। एसडीएम ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान कई दुकानदार एमआरपी से अधिक मूल्य पर या वस्तुएँ बेच रहे थे।
उज्जैन की एक मस्जिद में मौलवी बुधवार की रात 25-30 लोगों को नमाज अदा करवा रहा था। पुलिस को जब इसकी जानकारी मिली तो नमाज अदा कर रहे लोगों को बाहर निकाला गया। मौलवी के खिलाफ मामला दर्ज करते हुए मस्जिद में ताला जड़ दिया गया है।
गृह मंत्रालय ने इन सबका पर्यटक वीजा भी रद्द कर दिया है जिससे कि ये अब कभी भी भारत नहीं आ सकेंगे। देश में अब तक सामने आए कोरोना के मामलों में से लगभग 20% तबलीगी जमात से जुड़े बताए जा रहे हैं।