Homeदेश-समाजलॉकडाउन के बीच कन्नौज में छत पर नमाज पढ़ रहे लोगों को पुलिस ने...

लॉकडाउन के बीच कन्नौज में छत पर नमाज पढ़ रहे लोगों को पुलिस ने रोका तो कुल्हाड़ी से हमला, दो पुलिसकर्मियों की हालत नाजुक

कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण पर काबू पाने के लिए पूरे देश में 21 दिन का लॉकडाउन है। किसी तरह के आयोजनों पर पाबंदी है। धार्मिक स्थल भी बंद हैं। असल में सोशल डिस्टेंसिंग इस संक्रमण से निपटने का सबसे कारगर उपाय है। बावजूद कई शहरों से सामूहिक नमाज अदा करने की घटनाएँ सामने आ चुकी है।

लॉकडाउन का उल्लंघन कर सामूहिक रूप से एक मकान की छत नमाज पढ़ने की कोशिश करने और रोके जाने पर पुलिस को निशाना बनाने की एक और घटना सामने आई है। ताजा मामला उत्तर प्रदेश के कन्नौज का है। यहॉं की एक मकान की छत पर जुमे की नमाज अदा करने के लिए जुटान हो रहा था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुॅंची और उन्हें सोशल डिस्टैन्सिंग के लिए समझाने की कोशिश की। लेकिन वहाँ जुटे लोग पुलिस की एक नहीं सुनी और उल्टा पुलिस पर ही हमला कर दिया। जमकर पत्थरबाजी हुई। हमले में कई पुलिसकर्मी जख्मी हो गए। दो पुलिसकर्मियों की हालत नाजुक बताई जा रही है।

जानकारी के मुताबिक, पुलिसकर्मी किसी तरह जान बचाकर निकले। बाद में जब भारी फोर्स के साथ आला अधिकारी मौके पर पहुॅंचे तब तक हमलावर फरार हो चुके थे।

पुलिस के आला अधिकारियों ने कहा है कि लॉकडाउन तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त से कार्रवाई की जाएगी। हमलावरों की पहचान की जा रही है। उन्हें जल्द गिरफ्तार करने का दावा किया गया है। ड्रोन की मदद से छतों की निगरानी की जा रही है। घायल पुलिसकर्मियों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

गौरतलब है कि कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण पर काबू पाने के लिए पूरे देश में 21 दिन का लॉकडाउन है। किसी तरह के आयोजनों पर पाबंदी है। धार्मिक स्थल भी बंद हैं। असल में सोशल डिस्टेंसिंग इस संक्रमण से निपटने का सबसे कारगर उपाय है। बावजूद कई शहरों से सामूहिक नमाज अदा करने की घटनाएँ सामने आ चुकी है।

यूपी के ही अलीगढ़ की एक मस्जिद में भी गुरुवार की रात मस्जिद में नमाज पढ़ने के लिए लोग जुटे थे। सूचना मिलने पर पुलिस पहुॅंची तो उनलोगों ने पुलिस पर हमला कर दिया। इस मामले में अलीगढ़ पुलिस ने 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। उससे पहले बुधवार शाम को मुजफ्फरनगर में लॉकडाउन का पालन कराने पहुँची पुलिस की टीम पर भी हमला हुआ था। सहारनपुर के गाँव जमालपुर में भी नमाज पढ़ने को लेकर मस्जिद के बाहर इकट्ठा भीड़ को हटाने और छह लोगों को हिरासत में लेने पर लोगों ने पुलिस पर हमला कर दिया था। लाठी-डंडों का प्रयोग कर पकड़े गए लोगों को छुड़वा लिया था।

बिहार के मधुबनी की एक मस्जिद में सामूहिक नमाज रुकवाने पहुॅंची पुलिस को समुदाय विशेष की भीड़ ने एक किमी तक खदेड़ दिया था। जमकर पत्थरबाजी की थी। फायरिंग की और पुलिस की जीप को तलाब में पलट दिया था। गुजरात के अहमदाबाद स्थित गोमतीपुर में भी भीड़ ने पुलिस पर पत्थरबाजी की थी। गोमतीपुर में पुलिस उन लोगों की तलाश में गई थी, जिन्होंने तबलीगी जमात के कार्यक्रम में हिस्सा लिया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

हमें पितृसत्ता की अधूरी कहानी क्यों सुनाई गई? Patriarchy? Think Again

भारत की शुरुआती वैदिक सभ्यता में महिलाओं का समाज में बहुत सम्मानजनक स्थान था, जहाँ उन्हें शिक्षा और धार्मिक अनुष्ठानों का पूरा अधिकार था। वैदिक साहित्य में गार्गी और मैत्रेयी जैसी महिलाओं के उदाहरण मिलते हैं, जो दार्शनिक चर्चाओं और बौद्धिक विमर्श में सक्रिय थीं।

संभल की डेमोग्राफी: हिंदू 13 हजार से हुए 47 हजार, मुस्लिम 23 हजार से हो गए 1 लाख 71 हजार – मुस्लिम भीड़ की...

2011 की जनगणना के अनुसार संभल शहर की डेमोग्राफी 77.67% मुस्लिम आबादी जबकि हिंदू आबादी सिर्फ 22% वाली बताई गई है। वर्तमान में मुस्लिम 80% तक।
- विज्ञापन -