दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने जामिया हिंसा मामले में आरोपित इलियास को गिरफ्तार कर लिया है। ज्ञात हो कि यह गिरफ्तारी दिसंबर 13, 2019 में जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के पास के क्षेत्र में हुई हिंसा के मामले में हुई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही कह चुके हैं कि उत्तर प्रदेश में देश-विरोधी गतिविधियों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा था कि पुरुष घर में रहे रजाई ओढ़ कर सो रहे हैं और उन्होंने जानबूझ कर महिलाओं व बच्चों को सड़क पर बैठने के लिए छोड़ दिया है।
शाहरुख ने बताया कि वह करीब 12 साल पहले असलम के पड़ोस में रहता था। तभी से असलम की बीवी से प्यार करता था। उसे पाने के लिए उसने असलम को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
गिरफ्तार किए गए मोहम्मद उमर, सैयद अब्दुल, फैज़ान, वासिफ और सरवर पर बाबूपुरवा और यतीमखाना में हिंसा भड़काने का आरोप है। मेरठ में हिंसा से ठीक पहले 4 खातों में 3 करोड़ रुपए डाले गए थे।
इस बार विद्यालय के बच्चों ने सरस्वती पूजा को लेकर ब्लॉक ऑफिस और स्थानीय पुलिस स्टेशन में आवेदन दिया। इसके बाद प्रशासन ने सरस्वती पूजा के एक दिन पहले ही विद्यालय में जवानों की तैनाती कर दी।
खबर है कि प्रदर्शनकारियों का एक गुट सड़क का एक हिस्सा खोले जाने के पक्ष में है। दूसरा इसका विरोध कर रहा। मतभेद उभरने के बाद एक-दूसरे पर स्टेज से चप्पलें फेंकी जाने की भी सूचना है।
पुलिस के मुताबिक शहजाद ने फोन कर किशोरी से संपर्क किया और उसे झॉंसे में लेकर दिल्ली चला गया। किशोरी के परिजनों ने शहजाद पर उसे अगवा करने का आरोप लगाया था। साथ ही कहा था कि वह किशोरी का धर्म परिवर्तन कराना चाहता है।
फिरोज बख्त ने सीएए के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की है। उन्होंने कहा, "मोदी और उनके साथियों सलाम कि उन्होंने ऐसे लोगों (पाकिस्तान, बांग्लादेश व अफगानिस्तान के प्रताड़ित अल्पसंख्यकों) को नागरिकता देने का निर्णय लिया है।"
बंधक संकट करीब 8 घंटे चला। मोहम्मदाबाद के कठरिया गॉंव में बच्चों को बंधक बनाने वाले सुभाष ने बाथम को देर रात पुलिस ने मार गिराया। इसके बाद सभी बच्चे उसके घर से सुरक्षित निकाले गए।
शातिर बदमाश उन लोगों को सबक सिखाना चाहता था, जिन्होंने उसे जेल भिजवाने में पुलिस की मदद की थी। उन सबको सबक सिखाने के लिए बदमाश ने 20 बच्चों को बहाने से बुलाकर घर में बंधक बना लिया।