Tuesday, October 19, 2021
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बजट 2020: किसानों के लिए 16 फायदे – सोलर पंप से लेकर स्पेशल रेलगाड़ी तक

पिछले साल के बजट 2019-20 में कृषि एवं किसान मंत्रालय को ऐतिहासिक आवंटन मिला था, जिसमें मंत्रालय को 1,20,485 करोड़ रुपए आवंटित किए गए थे।

आज शनिवार यानी, फरवरी 01, 2020 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वर्ष 2020-21 का आम बजट पेश किया। इससे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को आर्थिक सर्वेक्षण पेश कर दिया था। ऐसे में अब सबकी आज के आम बजट पर टिकी हुई हैं।

किसानों के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बड़ा ऐलान करते हुए 16 सूत्रीय फॉर्मूला पेश किया। अपने संबोधन में निर्मला सीतारमण ने कहा कि हमारी सरकार की ओर से किसानों के लिए बड़ी योजनाओं को लागू किया गया है। सरकार की ओर से कृषि विकास योजना को लागू किया गया है, पीएम फसल बीमा योजना के तहत करोड़ों किसानों को फायदा पहुँचाया गया। सरकार का लक्ष्य किसानों की आय दोगुना करना है।

उन्होंने कहा कि किसानों की मार्केट को खोलने की जरूरत है, ताकि उनकी आय को बढ़ाया जाएगा। किसानों के लिए बड़ा ऐलान करते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा कि हमारी सरकार किसानों के लिए 16 सूत्रीय फॉर्मूले (16 एक्शन प्वाइंट) का ऐलान करती है, जिससे किसानों को फायदा पहुँचाएगा। जैसे-

  1. उन राज्यों को प्रोत्साहित किया जाएगा जो केंद्र के मॉडल लॉ को मानेंगे।
  2. अन्नदाता ऊर्जादाता भी है। पीएमकुसुम स्कीम से फायदा हुआ है। अब हम 20 लाख किसानों को सोलर पंप देंगे।
  3. किसानों के लिए स्पेशल रेल।
  4. 15 लाख किसानों को ग्रिड कनेक्टेड पंपसेट से जोड़ा जाएगा।
  5. 162 मिलियन टन के भंडारण की क्षमता है। नाबार्ड इसे जीयोटैग करेगा। नए बनाए जाएँगे। ब्लॉक और ताल्लुक के स्तर पर बनेंगे। राज्य सरकार जमीन देसकती है। एफसीआई अपनी जमीन पर भी बना सकती है।
  6. विलेज स्टोरेज स्कीम – सेल्फ हेल्प ग्रुप के जरिए
  7. मिल्क, मीट, फिश को प्रीजर्व के लिए किसान रेल बनेगा
  8. किसानों के लिए भंडार स्कीम
  9. 311 मिलियन टन के साथ ये अन्न उत्पादन के आगे निकल चुका है। हम राज्यों को मदद करेंगे। वन प्रॉडक्ट वन डिस्ट्रिक्ट का स्कीम बनाएँगे।
  10. इंटिग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम – संचयित इलाकों में नेचुरल फार्मिंग- जैविक खेती के लिए पोर्टल, ऑनलाइन मार्केट मजबूत बनाया जाएगा
  11. फिनांसिंग ऑन निगोशिएबल वेयर हाउसिंग स्कीम
  12. नॉन बैंकिंग फाइनान्स कंपनियों को उत्साहित किया जाएगा। 15 लाख करोड़ रुपये का कर्ज किसानों को देने का लक्ष्य है।
  13. फुट एंड माउथ बीमारी, पीपीआर की बीमारी 2025 तक खत्म हो जाएगी
  14. मिल्क प्रोसेंसिंग क्षमता 108 मिलियन टन करने का लक्ष्य
  15. समुद्री इलाकों के किसानों के लिए, फिश उत्पादन का लक्ष्य 208 मिलियन टन, 3077 सागर मित्र बनाए जाएँगे जिससे तटवर्ती इलाकों के युवाओं को रोजगार मिलेगा।
  16. दीनदयाल अंत्योदय योजना – 58 लाख एसएचजी बने हैं। इन्हें मजबूत बनाएंगे। इन 16 स्कीम के लिए फंड 2.83 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

बजट भाषण के दौरान निर्मला सीतारमण द्वारा कही गई कुछ प्रमुख बातें-

  1. हमारी सरकार 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लिए प्रतिबद्ध है।
  2. कृषि को प्रतिस्पर्धात्मक बनाकर किसानों की उन्नति सुनिश्चित की जा सकती है।
  3. मॉर्डन एग्रीकल्चर लैंड एक्ट को राज्य सरकारों द्वारा लागू करवाना।
  4. 100 जिलों में पानी की व्यवस्था के लिए बड़ी योजना चलाई जाएगी, ताकि किसानों को पानी की दिक्कत ना आए।
  5. पीएम कुसूम स्कीम के जरिए किसानों के पंप को सोलर पंप से जोड़ा जाएगा। इसमें 20 लाख किसानों को योजना से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा 15 लाख किसानों के ग्रिड पंप को भी सोलर से जोड़ा जाएगा।

हर वर्ष बजट में किसानों के लिए कुछ विशेष उम्मीदें लगी होती हैं। पिछले साल के बजट 2019-20 में कृषि एवं किसान मंत्रालय को ऐतिहासिक आवंटन मिला था, जिसमें मंत्रालय को 1,20,485 करोड़ रुपए आवंटित किए गए थे। यह कृषि मंत्रालय को किया गया अब तक का सबसे बड़ा आवंटन था। ऐसे में इस साल सरकार अपने पिटारे में कृषि सेक्टर के लिए क्या लेकर आती है, ये देखना दिलचस्प होगा।

सरकार से कृषि निर्यात बढ़ाने और किसानों की मजदूरी बढ़ाने की उम्मीदें जताई गईं थीं। बजट में अधिकांश प्रावधान उसी की ओर निर्देशित हैं।

सरकार ने फरवरी, 2019 में पेश अंतरिम बजट में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरूआत की थी। इसमें 2 हेक्टेअर से कम भूमि वाले किसानों को प्रति वर्ष तीन किश्तों में 6,000 रुपए देने की घोषणा की गई थी।

यह स्कीम दिसंबर 01, 2019 से प्रभावी कर दी गई थी और सरकार ने इस योजना के लिए बजट में 75,000 करोड़ रुपए का आवंटन किया था।

गत वर्ष के बजट में सरकार ने गोवंश के संरक्षण और संवर्द्धन के लिए ‘राष्ट्रीय कामधेनु आयोग’ के गठन के प्रस्ताव की मंजूरी दी थी। उस समय कार्यवाहक वित्त मंत्री पियूष गोयल ने कहा था- “ये सरकार कभी गौमाता के सम्मान में पीछे नहीं हटेगी।”

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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