"हम हिंदुस्तान के वफादार नागरिक हैं। विवाद पसंद नहीं करते। हम मुस्लिम हैं। हमारा मजहब कहता है कि जिस मुल्क में रहो उसके वफादार बनो, उसका कानून मानो। कौन-क्या कह रहा है उससे हमारा कोई लेना-देना नहीं है।"
फलों से भरे ट्रकों की आवाजाही शुरू होने से हताश आतंकवादियों ने शीरमाल गाँव में हमला किया। आतंकियों की फायरिंग में ट्रक ड्राइवर शरीफ खान की मौक़े पर मौत हो गई। घटना में शामिल एक आतंकवादी पाकिस्तानी बताया जा रहा है।
जानिए Veg हलाल के बारे में। सूअर के माँस या उसके किसी भी उत्पाद को 'हलाल सर्टिफिकट' नहीं दिया जा सकता। 'हलाल इंडिया' ने साफ़ कर दिया कि वो शरिया क़ानून के हिसाब से चलता है। साथ ही संस्था ने कहा कि उत्तर-पूर्वी राज्यों के लोग साँप-बिच्छू-कुत्ता, कुछ भी खा लेते हैं।
प्रतिनिधिमंडल में संत समिति, अयोध्या के अध्यक्ष महंत कन्हैयादास; मणिरामदास चानवी के महंत कमलनयन दास; श्री रामचरित्रमण भवन के महंत अवधबिहारी दास; और स्थानीय भाजपा नेता वैश्य विनोद जायसवाल शामिल थे।
पता लगाया जा रहा है कि पीएमसी बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर जॉय थॉमस उर्फ़ जुनैद ख़ान और उसकी दूसरी पत्नी की इन सम्पत्तियों में कितने प्रतिशत की हिस्सेदारी है। मियाँ-बीवी द्वारा संयुक्त रूप से स्वामित्व रखने के कारण पुलिस के लिए इन सम्पत्तियों को अटैच करना मुश्किल साबित हो रहा है।
लड़के के पिता लीलाभाई ने बताया कि वो 4 वर्ष पूर्व नौकरी से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। उन्होंने अपनी सारी जमा पूँजी बेटे को उच्च शिक्षा देने में खर्च कर दी। उन्हें अपने बच्चे से बड़ी उम्मीद थी कि वो बुढ़ापे में उनकी देखभाल करेगा, लेकिन उसने 4 साल पहले संन्यास ले लिया और उन्हें अकेला छोड़ दिया।
“हम यहाँ स्थानीय लोगों से मिले और किसी भी व्यक्ति ने मानव अधिकारों का उल्लंघन होने की बात नहीं कही। पाकिस्तान का प्रोपेगेंडा झूठा था। हाँ, यहाँ मूलभूत सेवाएँ जैसे फोन पर प्रतिबंध लगा था। लेकिन जब बड़े कदम उठाए जाते हैं तो इस तरह के निर्देश जारी किए जाते हैं।”
मुस्लिम पक्षकार राजीव धवन ने जस्टिस बोड़बे के सवाल का जवाब देते हुए एक उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि अगर उनके स्वामित्व वाली ज़मीन पर कोई हाथ धोने का आग्रह करता है और वह इजाजत दे देते हैं तो इसका अर्थ ये नहीं कि ये ज़मीन उनकी ही हो जाए।
पीएमएसएसएस के तहत स्नातक में दाखिला लेने वाले बच्चों में से 2,400 जम्मू और 1,474 कश्मीर से हैं। शेष लद्दाख से हैं। इस वर्ष जम्मू-कश्मीर के सबसे अधिक बच्चों ने महाराष्ट्र में दाखिला लिया है। इसके बाद दिल्ली, पंजाब और उत्तर प्रदेश का नंबर है।
मृतका के पिता के मुताबिक 20 अगस्त को उस्मान की अम्मी मुन्नी ने धमकी देते हुए कहा था कि राजीनामा नहीं किया तो जान से मार देंगे। पुलिस ने उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया। आत्महत्या से पहले भी मुन्नी ने पीड़िता को धमकी दी थी।