Friday, August 19, 2022
Homeदेश-समाजमुर्शिदाबाद हत्याकाण्ड: हत्यारे ने ₹24000 के लिए सबको काटा, बंगाल CID का दावा

मुर्शिदाबाद हत्याकाण्ड: हत्यारे ने ₹24000 के लिए सबको काटा, बंगाल CID का दावा

बंगाल सीआईडी के मुताबिक, अभी तक की जाँच में उसे जो अहम सबूत मिले हैं, उससे साबित होता है कि ये ट्रिपल मर्डर निजी कारणों से ही की गई। इनका कोई राजनीतिक आधार नहीं है।

पश्चिम बंगाल में आरएसएस कार्यकर्ता और उसके परिवार की बेहद दर्दनाक हत्या के मामले को बंगाल पुलिस ने सुलझाने का दावा किया है। बता दें कि 8 अक्टूबर 2019 को मुर्शिदाबाद के जियागंज इलाके में रहने वाले बंधु प्रकाश पाल, उनकी 7 माह की गर्भवती पत्नी और 8 साल के बच्चे की हत्या कर दी गई थी।

इस घटना के बाद बंगाल में लगातार होती राजनीतिक हत्याओं के कारण पूरे देश में ममता बनर्जी की आलोचना शुरू हो गई। जिस पर लगाम लगाने के लिए अब मुर्शिदाबाद में हुए ट्रिपल मर्डर केस को बंगाल पुलिस ने सुलझाने का दावा करते हुए मंगलवार को एक आरोपित को गिरफ्तार किया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, गिरफ्तार आरोपित का नाम उत्पल बहेरा बताया जा रहा है।

गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर एक बार फिर निशाना साधा था। बंगाल भाजपा प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने ट्वीट भी किया, “यह क्या हो रहा है ‘दीदी’ आपके राज में।” विजयवगीर्य ने मुर्शिदाबाद में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कार्यकर्ता बंधु प्रकाश पाल, उनकी गर्भवती पत्नी और उनके आठ वर्ष के बच्चे की क्रूर हत्या के संदर्भ में यह आरोप लगाया था।

भाजपा नेता ने आगे कहा, “इससे बुरा और क्या हो सकता है।” उन्होंने कहा कि यह घटना बताती है कि तृणमूल कॉन्ग्रेस शासित राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बहुत ज्यादा खराब हो गई है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बंगाल सीआईडी के मुताबिक, अभी तक की जाँच में उसे जो अहम सबूत मिले हैं, उससे साबित होता है कि ये ट्रिपल मर्डर निजी कारणों से ही की गई। इनका कोई राजनीतिक आधार नहीं है। सीआईडी टीम का कहना है कि जाँच के दौरान पता चला कि बंधु प्रकाश पाल गैरकानूनी तरीके से फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम चला रहा था। पुलिस ने उसके घर से कई पासबुक भी बरामद किए हैं। CID का दावा है कि इन पासबुक्स से मालूम चला कि बंधु जो फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम चला रहा था, वो काफी हद तक चिटफंड जैसा ही था, लेकिन इनमें रकम कम होती थी। ज्यादातर आर्थिक रूप से कमजोर और गरीब लोग बंधु पाल के जरिए अकाउंट खोलते थे।

मीडिया रिपोर्ट में ऐसा बताया जा रहा है कि गिरफ्तार आरोपित उत्पल ने पुलिस पूछताछ में अपना गुनाह कबूल कर लिया है। उत्पल का कहना है उसने बंधु प्रकाश पाल की इंशोरेंस कंपनी में पैसे लगाए हुए थे। आरोपित उत्पल ने पुलिस को बताया कि उसे बंधु प्रकाश से 24000 रुपए लेने थे। लेकिन वह उसके रुपए वापस नहीं कर रहा था। पुलिस के अनुसार आरोपित उत्पल का कहना है कि वह जब भी बंधु प्रकाश पाल से अपने पैसे माँगता वह उसे गालियाँ देता था। उसने बदला लेने के लिए बंधु प्रकाश पाल के पूरे परिवार को खत्म कर दिया। रिपोर्ट के अनुसार, आरोपित उत्पल ने ये भी बताया कि बंधु के घर दाखिल होते वक्त पड़ोसी कृष्णा सरकार और रतन कुमार दास ने उसे देखा था। पुलिस इन दोनों से भी पूछताछ करेगी।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘कम बुद्धि वाला व्यक्ति भी समझ जाएगा’: पत्रकार ने कोयला आयात को लेकर फैलाया झूठ, बिजली के दाम बढ़ने का दिखाया डर तो मंत्रालय...

'बिजनेस स्टैंडर्ड' की सहायक संपादक ने कोयला आयात को लेकर झूठ फैलाया। बिजली के दाम बढ़ने का दिखाया डर। ऊर्जा मंत्रालय ने लगाई फटकार।

CBI की FIR में 15 नाम, टॉप पर मनीष सिसोदिया: सुबह से दिल्ली डिप्टी CM के घर जाँच एजेंसी, कार की भी तलाशी-मोबाइल और...

दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के घर CBI ने रेड डाला है। अपने FIR में एजेेंसी ने सिसोदिया को शराब घोटाले का मुख्य आरोपित बनाया है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
215,315FollowersFollow
417,000SubscribersSubscribe