यह दर्दनाक घटना गुरुवार (27 जून) की है, जब पीड़ित के परिजन शिक़ायत दर्ज कराने पुलिस स्टेशन पहुँचे। बुधवार की सुबह वो नाबालिग किसी काम के लिए सुबह घर से निकला था। लेकिन, जब वो दोपहर को घर वापस आया तो वो दर्द से तड़प रहा था। उसने चेहरे को एक कपड़े से ढका हुआ था।
"अगर कोई मुस्लिम महिला हिंदू से शादी करती है और बिंदी, बिछिया, मंगलसूत्र पहनती है, तो मुस्लिम मौलवी उसे हराम कहते हैं। लेकिन कई मुस्लिम पुरुष हमारी हिंदू बेटियों को लव जिहाद के नाम पर फँसाते हैं और उनसे बुर्का पहनने को कहते हैं, तो यह हराम नहीं है। यह उनके लिए उचित है।”
"प्रहलाद नगर ही नहीं, मेरठ के चार थाना क्षेत्रों - कोतवाली, देहलीगेट, लिसाड़ी गेट और नौचंदी थाना क्षेत्र के करीब 30 मोहल्लों से 'संप्रदाय विशेष' से डर कर हिंदू आबादी अपना मकान बेचकर जा चुकी है।"
मोहम्मद साज़िद, आज़म अंसारी और रमज़ान अंसारी गांजा पी रहे थे। कहाँ - मंगरू पाहन के घर के बाहर। मंगरू ने विनम्रतापूर्वक इन तीनों से उसके घर के बाहर गांजा न पीने का अनुरोध किया। लेकिन, तीनों में से एक को मंगरू की बात इतनी नागवार गुज़री कि उसने ग़ुस्से में मंगरू के पेट में छुरा घोंप दिया और वहाँ से भाग गया।
कोलकाता में अंतरराष्ट्रीय महिला मुक्केबाज सुमन कुमारी के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट हुई। पुलिस ने शिकायत लिखने के बजाय थाने में जाने की सलाह दी। सोशल मीडिया पर जब दबाव बना तो आरोपितों राहुल शर्मा, शेख़ फ़िरोज़ और वसीम ख़ान को गिरफ़्तार कर लिया गया है।
वीडियो वायरल होने के बाद पत्रकारिता के समुदाय विशेष और लिबरल गैंग ने इसे हेट क्राइम के तौर पर खूब भुनाया। लेकिन हकीकत सबसे सामने है। जाँच के बाद पुलिस ने इस मामले में आप्सी मियाँ नाम के शख्स को गिरफ्तार किया है। आप्सी ने ही असगर अली को जय श्री राम बोलने के लिए मजबूर किया था और वीडियो बनाया था।
जब तत्कालीन भाजपा सरकार ने पहलू खान और उनके बेटों पर गो-तस्करी का आरोप लगाया था तो कॉन्ग्रेस ने बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद पर प्रतिबंध लगाने की माँग की थी और आरोप लगाया था कि राज्य में गो-रक्षा के नाम पर सांप्रदायिक तनाव को भड़काने की कोशिश की जा रही है। और अब सत्ता में आते ही राजस्थान की कॉन्ग्रेस सरकार ने पहलू खान को गो-तस्करी के में मामले में अपराधी बताया है।
दूसरे समुदाय के युवक दलित युवक से इसलिए नाराज थे क्योंकि वो मंदिर में लाउडस्पीकर पर भजन चला रहा था। इसके बाद गाँव में दोनों मजहबों के बीच हिंसक झड़प शुरू हो गई जिसमें दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडे चलने लगे और पथराव भी हुआ।