बच्चे अपनी बड़ी माँ के साथ जामुन के बगीचे में पहुँचे ही थे कि गाँव के दबंगों ने वहाँ अचानक लाठी-डंडों के साथ धावा बोल दिया। इन सभी ने बच्चे की बड़ी के माँ सामने ही उन्हें ज़बरदस्ती अपने घर उठा ले गए और...
छात्रों का कहना था कि कॉलेज में SFI के यूनिट सदस्यों का व्यवहार फासिस्टों जैसा ही है। छात्रों को कॉलेज में अपनी मर्ज़ी से कहीं भी आने-जाने की अनुमति नहीं है। कहीं भी वे पेड़ों के आस-पास बैठें या गाना गाएँ तो उन्हें मार-पीटकर भगा दिया जाता है।
जब बागपत एसपी से यह पूछा गया कि आखिर इमाम ने बाद में अपनी शिकायत में 'जय श्री राम' वाली बात क्यों जोड़ी, तो उन्होंने कहा कि अपने सहयोगियों के प्रभाव में आने के बाद उसने ऐसा किया। एसपी ने अंदेशा जताया कि उसके मित्रों ने उसे सलाह दी होगी कि जबरन 'जय श्री राम' बुलवाने वाली बात शिकायत में जोड़ देने के बाद मीडिया इस घटना को ज्यादा महत्त्व देगा और इसे फैलाया जाएगा।
राजस्थान पुलिस ने महिला के साथ गैंगरेप किया और चोरी के एक मामले में अवैध रूप से तकरीबन 8 दिनों तक उसे हिरासत में रखा। इसके साथ ही पीड़िता ने ये भी आरोप लगाया कि पुलिसवालों ने जबरन कुछ कागजातों पर अँगूठा लगवाया, इसके अलावा बलात्कार और देवर की हत्या वाली बात किसी को नहीं बताने की धमकी भी दी।
आजम खान और उनके सहयोगी अलेहसन खान नाम के एक पूर्व पुलिस अधिकारी ने 26 किसानों से जमीन हड़प ली और इस जमीन का उपयोग आजम खान ने अपनी करोड़ों की मेगा परियोजना- मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण में किया।
सेना के जवानों के अलावा कई होटलकर्मी और अन्य लोगों के भी अंदर फँसे होने की आशंका है। बचाव कार्य चल रहा है। वहाँ ज़ोर की बारिश भी हो रही थी। पंचकूला से एनडीआरएफ की टीम भी पहुँच रही है।
आरोपित प्रेमी की पत्नी पुलिस अधिकारी है और उसी की वर्दी चुरा कर वह अपनी प्रेमिका को दिया करता था। उसकी पत्नी मध्य प्रदेश पुलिस में इंस्पेक्टर हैं। उसकी की वर्दी के सहारे दोनों आरोपित प्रेमी युगल लूटपाट की साज़िश को अंजाम देते थे।
अमेठी में एक दलित व्यक्ति शशांक को मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पीटा। इस दौरान शशांक के साथ-साथ उसके भाई और पत्नी को भी चोटें आईं थीं। इस घटना का वीडियो भी वायरल हुआ। अमेठी पुलिस ने इस घटना की पुष्टि की है। लेकिन मीडिया गिरोह में चुप्पी है, स्क्रीन काली नहीं की गई है।
सायरा बानो के परिजनों और उनके साथ की भीड़ ने अस्पताल में तोड़फोड़ और मारपीट की। डॉक्टरों ने क्लोक रूम से लेकर बाथरूम में छिप कर जान बचाई। भीड़ को शांत करने के लिए 3 थानों की पुलिस बुलानी पड़ी। भीड़ का आवेश इतना उग्र था कि पुलिस भी लाचार खड़ी देखती रही।
चेहरे को पत्थर से कुचल दिया। दाहिने हाथ को क्षत-विक्षत किया गया। यह सब इसलिए ताकि पहचान छिपाई जा सके। लेकिन 3 टैटू, सोशल मीडिया प्रोफाइल और मोबाइल लोकेशन ने अपनी ही गर्लफ्रेंड के हत्या आरोपित अशरफ़ शेख़ को पहुँचाया जेल।