मिशेल ने कोर्ट से कहा कि जेल में खराब खाना खाने की वजह से उनका वजन 16 किलोग्राम कम हो गया है। उन्होंने बताया कि उन्हें खाने में सिर्फ उबली हुई सब्जी दी जाती है।
प्लानिंग पूरी होने के बाद सोमवार (मई 6, 2019) अंजुम ने अमीर को शहर के तोरणा होटल में बुलाया। यहाँ इंतजार में खड़े अमीर पर अंजुम ने अचानक तेजाब से हमला किया और भागने में कामयाब हो गई।
मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने कहा, “हमें मध्यस्थता कमिटी की रिपोर्ट मिली है और हमने इसे पढ़ा है। अभी समझौते की प्रक्रिया जारी है। हम रिटायर्ड जस्टिस कलीफुल्ला की रिपोर्ट पर विचार कर रहे हैं।
बच्ची के साथ हुई इस घटना का विरोध करने के लिए जब माता-पिता मदरसा पहुँचे तो उन्हें वहाँ से भगा दिया गया। परिजनों ने 100 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस के पहुँचते ही मौलाना भाग निकला।
पति द्वारा इस तरह की हरकत किए जाने से दुःखी पीड़िता ने भोईवाड़ा पुलिस स्टेशन में शिकायत की है। भोईवाड़ा थाने के वरिष्ठ निरीक्षक कल्याण कार्पे ने बताया कि उन्हें पीड़ित दिव्यांग महिला की ओर से सोमवार को शिकायत मिली है। पुलिस ने बताया कि वो लोग इस पर क़ानूनी सलाह ले रहे हैं।
सिविल अस्पताल के अधीक्षक डॉ गणेश गोवेकर को जब यह जानकारी मिली कि नरेंद्र मोदी के चाचा अस्पताल में भर्ती हैं तो उन्होंने फोन कर के हालचाल लिया और डॉक्टरों को अच्छी तरह इलाज करने का निर्देश दिया।
केंद्र सरकार ने ग़ैर सरकारी संगठन के FCRA लाइसेंस को रद्द कर दिया था, लेकिन दोषी व्यक्तियों के ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। याचिका में आरोप लगाया गया कि इनके द्वारा जुटाए गए धन का राष्ट्र के ख़िलाफ़ गतिविधियों में दुरुपयोग किया गया।
पीड़िता के पिता द्वारा दी गई शिकायत के मुताबिक, छोटू और सूरज दोनों उनके घर गए और बेटी का विश्वास जीतकर उसे अगवा कर ले गए। यह घटना मार्च के पहले सप्ताह में हुई थी।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में प्रशासन के खिलाफ जबर्दस्त आक्रोश है। पुलिस ने छोटेलाल, जीतू और अशोक सहित 5-6 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। 26 अप्रैल की घटना को चार दिनों बाद 30 अप्रैल को पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज किया गया। पुलिस ने IPC और SC/ST ऐक्ट की धाराओं 147, 149, 323, 341, 354B, 376(D) & 506 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।