गौ तस्कर नुरैन को पकड़ कर जब पुलिस जाने लगी तो महिलाओं समेत सैकड़ों की संख्या में इकट्ठी भीड़ ने पुलिस को घेर लिया। पुलिस पर लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला करने लगे। मौका पाकर कुछ युवक नुरैन को ले भागे और पीछे दौड़ते चौकी प्रभारी पर गोलियाँ भी चलाईं।
लड़की पर एकतरफा कार्रवाई के विरोध में VHP, RSS, बजरंग दल आदि के लोगों का कहना है कि अगर जिस धर्म को लेकर लड़की ने टिप्पणी की है, तो उसी धर्म के लोगों ने प्रतिक्रिया में लड़की के धर्म को लेकर भी बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी की है। ऐसे में आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले संप्रदाय-विशेष के लोग बाहर क्यों हैं?
गाँव के दलित समुदाय के बुजुर्गों का कहना है कि यह भेदभाव वे अरसे से झेलते आ रहे हैं। लेकिन, चाहते हैं कि उनकी नई पीढ़ी को इससे आजादी मिले। इसलिए जाति के आधार पर भेदभाव अब खत्म होना चाहिए।
सीसीटीवी फुटेज में देखा गया है कि FIR में नामजद लोग मौक़े पर मौजूद ही नहीं थे। इस नोट में साफ-साफ लिखा है कि नारा लगवाने की बात प्रकाश में नहीं आई। इसका मतलब है कि जिस आधार पर उन चार लोगों को दोषी ठहराने की कोशिश की गई, वो झूठ था, उन्हें ‘जय श्री राम’ के नारे के नाम पर बेवजह इस मामले में घसीटा गया।
मोहम्मद सलमान ने कहा है कि राजू के सीने में दर्द होने पर उसने रामपुर में बस रोकी थी और पास के क्लीनिक से डी.पी सिंह को भी बुलाया था। लेकिन उससे पहले ही राजू की मौत हो चुकी थी। कंडक्टर का कहना है कि उसने यूपी पुलिस के 100 नंबर पर फोन किया, लेकिन वहाँ से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
मिराज एक कुख्यात अपराधी है। उसका पूरा गैंग वाहन लुटेरा है। मिराज पर दो लड़कियों के साथ प्रेम का नाटक करने और फिर दुष्कर्म कर उनकी हत्या का भी आरोप है। मिराज ने अपने पिता को फँसाने के लिए भी रेशमा का इस्तेमाल किया था। उसने अपने पिता पर रेशमा के साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था।
जिस बिल्डिंग में यह घटना घटी नियाज वहीं 15वीं मंजिल पर रहता था। नियाज 2 साल पहले बिहार से मुंबई आया था और अपने मामा के साथ रहता था। बिल्डिंग की 9वीं मंजिल पर रहने वाली 24 वर्षीय शादीशुदा महिला से उसे प्रेम हो गया। काफी दिनों से उनका प्रेम-प्रसंग चल रहा था। एक दिन मामा ने उसे महिला के घर जाते देख लिया था। इसके बाद नियाज ने दरवाजे की जगह खिड़की से महिला के घर आना-जाना शुरू कर दिया।
अलगाववादियों ने यह बंद वर्ष 1931 में 13 जुलाई को श्रीनगर के डाउन टाउन इलाके में मारे गए करीब 22 लोगों के विरोध में किया है। अलगाववादी हर साल 13 जुलाई को शहीद दिवस के तौर पर मनाते हैं।
एक दिन फराज ने महिला को फोन कर नगीना बुलाया। प्यार का झाँसा देकर उससे निकाह करने की बात कही। फराज ने अक्टूबर, 2016 में मौलवी को बुलवाकर अपने तीन दोस्तों के सामने पहले उसका धर्म परिवर्तन करवाया फिर मौलाना से फर्जी निकाह पढ़वा दिया। इसके बाद उसने महिला के साथ शारीरिक संबंध बनाए और 5 लाख रुपए भी लिए। कुछ दिन तक सब ठीक चलता रहा, लेकिन कुछ दिन बाद वह महिला से दूरियाँ बनाने लगा।
बच्ची मदरसे में पढ़ने गई थी। वहीं मौक़ा देखकर मौलवी ने उसके साथ रेप किया। कोर्ट में मामले की सुनवाई हुई तो बच्ची ने तुरंत मौलवी को पहचान लिया और पूरी घटना के बारे में बताया। सबा करीम नाम के मौलवी पर सख्ती बरतते हुए कोर्ट ने...