अन्नलक्ष्मी ने बताया, "गाँव के हिन्दू तिरुमंगलम तालुक के आईसीडीएस कार्यालय गए थे जहाँ उन्होंने कहा कि उनके बच्चे एससी महिला द्वारा तैयार भोजन कभी नहीं खाएँगे।" आज हम जिस युग में रह रहे हैं, वहाँ इस प्रकार का भेदभावपूर्ण व्यवहार गले नहीं उतरता।
चड्ढा परिवार ने गाज़ियाबाद में एक 'वेव सिटी' प्रोग्राम बनाया था, जिसके तहत इन लोगों ने कुछ ही महीनों में सारी सुविधाओं से युक्त फ्लैट मुहैया कराने का वादा किया था। जहाँ पर वेवसिटी बननी थी, आज वहाँ पशु चरते हैं और किसान खेती करते हैं, ऐसा शिकायतकर्ताओं का मानना है।
पंचायत द्वारा जारी किए गए फरमान में कहा गया है कि इस भंडारे में गाँव के ही नहीं, बल्कि आस-पास के ग्रामीण भी शामिल हों। इसके लिए लिखित में पंचनामा तैयार किया गया। जिस पर पंचों के साथ-साथ पीड़िता के माता-पिता से भी हस्ताक्षर करवाए गए।
तरन्नुम का निकाह मदरसा के डायरेक्टर जीकरू रहमान से 5 साल पहले हुआ था। उसके तीन बच्चे हैं। शादी के बाद से ही रहमान उनके साथ बदसलूकी करता था। पिछले हफ्ते अपने ही मदरसे में पढ़ने वाली एक लड़की से निकाह करने के बाद रहमान ने तरन्नूम को तलाक दे दिया था और घर से निकाल दिया था।
अजहरुद्दीन के साथ गिरफ्तार हुए अन्य आरोपितों के नाम हैं- अकरम सिंधा, शेख हिदायतुल्लाह, अबुबकर, सद्दाम हुसैन और शहीम शह उर्फ़ इब्राहिम। छापेमारी में NIA ने 14 मोबाइल, 29 सिम, 6 मेमोरी कार्ड्स, 3 लैपटॉप, 4 हार्ड डिस्क, 13 सीडी व डीवीडी बरामद किया। इसके अलावा 300 एयर गन पेलेट और कई भड़काऊ दस्तावेज भी बरामद किए गए।
आम आदमी पार्टी के विधायक महेंद्र यादव पर दिल्ली पुलिस ने प्लॉट कब्जा करवाने के आरोप में मामला दर्ज किया है। 62 वर्षीय बुजुर्ग की शिकायत पर विधायक महेंद्र यादव के अलावा 2 अन्य लोगों के ख़िलाफ़ भी शिकायत दर्ज हुई है, जिन्हें दिल्ली पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया है।
"चर्च के पादरियों ने हमें बहलाया-फुसलाया और धर्म परिवर्तन कराने को कहा। पादरियों ने कई अन्य प्रकार के प्रलोभन देते हुए हमारी बीमारी ठीक कर देने का भी आश्वासन दिया था। पादरियों ने हमें बताया कि ईसाई चंगाई सभा में जाने से बीमारियाँ ठीक हो जाती हैं।"
राजकुमार द्वारा पड़ोस में रहने वाली 5 वर्षीय बालिका को टॉफी देने के बहाने पास के खंडहर नुमा मकान में ले जाकर दुष्कर्म किया गया। दुष्कर्म के बाद भारी पत्थर से बालिका के सिर में मारकर हत्या कर दी गई थी।
नीना व्यास जी के विचार में अगर कुछ गौरक्षक अगर कानून अपने हाथ में लेते हैं तो उससे किसी दुकानदार की लस्सी के पैसे माँगने पर "योगी-मोदी से हम नहीं डरते" दहाड़ कर हत्या कर देना, किसी मासूम बच्ची को मार डालना या ऐसी ही किसी भी घटना को अंजाम देने का औचित्य बन सकता है?