राजद विधायक के होटल के सामने चल रहे उसके खोमचे पर से अंकित और उसके दोस्तों ने खाने-पीने का कुछ सामान मँगाया था। खाना विधायक-पुत्र को न पसंद आने पर विवाद हुआ जिसके बाद विधायक के बेटे और उसके दोस्तों ने बेरहमी से पीट-पीट कर बेहोश कर दिया।
मैसेज मिलते ही प्रिया के पति ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने तीन लोगों (सुखदेव सिंह,जोसनप्रीत सिंह और सलमान खान ) के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया और मामले की जाँच शुरू कर दी।
स्टेन स्वामी व अन्य कथित सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उस दौरान भड़काऊ भाषण दिया था, इसी मामले में फादर स्टेन के खिलाफ देशद्रोह का मामला भी दर्ज किया गया था। स्टेन स्वामी पर महाराष्ट्र के नक्सली संगठन अलगार परिषद को समर्थन देने के भी आरोप लगे हैं।
कुख्यात नक्सली किरण कुमार और उसकी पत्नी अल्लूरी कृष्णा कुमारी को धर दबोचा गया है। दोनों ही पति-पत्नी 1994 से माओवादी गतिविधियों में सक्रिय थे और लगभग 150 पुलिस वालों की मौत के लिए ज़िम्मेदार हैं। इन पर 20 लाख रुपए का इनाम था।
बेगूसराय में महादलित परिवार के घर में घुस कर 2 महिलाओं के साथ बलात्कार की कोशिश की गई। आरोपितों में से एक लड्डू मियाँ को पीड़ितों ने पहचान लिया। लड्डू मियाँ महादलित परिवार को ज़मीन बेचने की धमकी देता रहता है। एक माह पूर्व भी उसने महिला की पिटाई की थी।
"क्राइम ब्रांच ने पूरे परिवार को बर्बाद करने की धमकी दी और लगातार दबाव बनाया कि बच्ची से दुष्कर्म और हत्या कबूल कर लो। क्राइम ब्रांच ने यातनाएँ देकर यह स्वीकार करने को कहा कि मैंने मेरठ में पेपर नहीं दिए, पेपर किसी और ने दिए थे।"
वीडियो में महिला कह रही हैं कि इलाके में समुदाय विशेष द्वारा उन पर पर रिश्वत लेकर मृतक बच्ची को खुद वहाँ फेंकने के आरोप तक लगाए जा रहे हैं। उन्हें धमकियाँ भी दी जा रही हैं। इसके साथ ही महिला को अपने परिवार की सुरक्षा का भी डर सता रहा है।
दो लोगों ने किशोरी का उसके घर के बाहर से अपहरण किया और फिर उन्होंने नजदीक के एक खेत में उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने बताया कि लड़की को चिकित्सकीय जाँच के लिए ले जाया गया है और गाँव में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
अलीगढ़ में बच्ची के साथ ये दरिंदे कितनी बर्बरता से पेश आए इसका विधिवत वर्णन शुरूआती पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी है। फिर किस मुँह से अनुराग उस जघन्यता पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहे हैं?
यहाँ दो अदालतों के दो जजमेंट सामने हैं जिनमें एक ही जैसा मामला है लेकिन इसे न्याय व्यवस्था की विडंबना ही कहा जाएगा कि एक मामले में एक पत्रकार सब कुछ जानते हुए एक नेता और मुख्यमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट ट्वीट करता है जिसपर उसे उच्चतम न्यायालय से जमानत मिल जाती है। लेकिन...