उत्सव के दौरान कुड्डालोर जिले के चिदंबरम मंदिर में कनगासाबाई मंडपम में भक्तों को प्रवेश करने से मना कर दिया था। पुजारियों पर दर्ज कर दिया गया था मामला।
अनुच्छेद-370 को निरस्त किए जाने के खिलाफ 20 याचिकाएँ दर्ज की गई हैं। CJI चंद्रचूड़, जस्टिस संजय किशन कौल, संजीव खन्ना, बीआर गवई और सूर्यकांत इस संवैधानिक पीठ का हिस्सा होंगे।
इस रिपोर्ट में कहा गया है कि सिग्नल मेंटनेंस करने वाले अधिकारी ने नियम के तहत काम किया। उसने मेंटनेंस करने से पहले और उसके बाद क्रमशः डिस्कनेक्शन और रीकनेक्शन मेमो स्टेशन मास्टर को सौंपा था।
सीजेआई को जब पता चला कि गुजरात हाईकोर्ट द्वारा सरेंडर की बात कहे जाने के बाद तीस्ता सीतलवाड़ का मामला सुप्रीम कोर्ट आया है तो उन्होंने इस पर नजर बनाए रखी...।