सिद्धारमैया ने हिंदुओं के धर्मांतरण पर अपनी बात रखते हुए बड़ी सफाई से यह बताने की कोशिश की है कि जो लोग धर्मांतरण करते हैं वो असल में व्यवस्थाओं से परेशान हैं।
संघ ने समाज सेवा, स्वदेशी, शिक्षा, ग्राम-विकास, आपदा-राहत, वनवासी कल्याण और सामाजिक समरसता आदि अनेक क्षेत्रों में काम करते हुए सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास किया है।