विचार

पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों की सुरक्षा और ममता बनर्जी की सरकार: 2021 और 2023 से नहीं लिया सबक, अब 2024 की वीभत्स घटना से...

डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार की उदासीनता से चिकित्सा समुदाय में भारी निराशा है। इसका असर चिकित्सा सेवाओं पर पड़ेगा।

डॉक्टर रेप-मर्डर केस में ममता बनर्जी की पैंतरेबाजी, नाकामियों का ठीकरा दूसरों पर फोड़ने की कोशिश: CBI को रविवार तक का दिया समय, विरोध...

ममता बनर्जी चाहती हैं कि अपराधी को फाँसी की सज़ा दी जाए और उन्होंने 'माँग' की है कि सीबीआई रविवार (18 अगस्त) तक यह काम पूरा कर ले।

अंबेडकर का अपमान नहीं है सिविल कोड को ‘सांप्रदायिक’ कहना, नेहरू से लेकर राहुल गाँधी तक के तुष्टिकरण पर है प्रहार: जानिए क्यों PM...

पीएम मोदी ने 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के दिन लाल किले से कहा कि देश में कम्यूल सिविल कोड लागू है, लेकिन अब सेक्युलर सिविल कोड की जरूरत है।

दरिंदों ने शरीर को तड़पा कर मारा, ‘आत्मा’ को तड़पा रही TMC की महिला सांसदों की चुप्पी: सवाल पूछेंगे तो होंगे ब्लॉक, संदेशखली और...

महुआ मोइत्रा सहित TMC की 11 महिला सांसद हैं लोकसभा में, राज्यसभा में सागरिका घोष हैं - लेकिन, रेप-हत्या के मामले न्याय दिलाने की जगह ये सवाल पूछने वालों को ब्लॉक करने में लगी हैं।

‘भारत माता की जय’ तो बोलना ही होगा मौलाना… जो नारा स्वतंत्रता का प्रतीक उसे आज बता रहे ‘संघी’, कल कहेंगे- बलिदानियों को नमन...

किसी विदेशी मजहब को इस देश में रह कर मातृभूमि से ऊपर रखने की यही सोच है जो कट्टरपंथी और आतंकवाद के रूप में तब्दील होती जा रही है। कल को मौलाना साजिद रशीदी जैसे लोग ये भी कहेंगे कि स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि देना इस्लाम में हराम है।

माना आप सेलिब्रिटी हैं जया अमिताभ बच्चन, पर पैपराजी नहीं हैं सभापति… यूँ बार-बार बिदकना चलचित्र में भले अच्छे लगते हों पर संसद में...

जया बच्चन को सोचना चाहिए कि उनके नाम के साथ अमिताभ बच्चन का नाम जुड़ने से उनकी उपलब्धियाँ नहीं कम हो जातीं जो उन्होंने अपने दम पर अर्जित की। फिर इतना गुस्सा क्यों?

‘यह धार्मिक नहीं, राजनीतिक’: मजहबी आक्रामकता की बात करने पर इस्लामी-वामपंथी करते हैं बेतुका दावा, जानिए इस नैरेटिव के पीछे का मूल मकसद

जब भी कोई इस्लामी चरमपंथी या भीड़ उत्पात मचाती है तो विश्व भर के वामपंथियों की तुरंत प्रतिक्रिया होती है और वे इसे नकारने की कोशिश करते हैं।

भारत में रहने वाले सभी लोग यहाँ के मूलनिवासी: शूद्रों यानी ‘दास-दस्यु’ और ‘सबसे निचले पायदान’ वाले नैरेटिव पर डॉ अम्बेडकर का फैक्ट-चेक

विश्व मूलनिवासी दिवस की तिथि जानने भर से भारतीय जाति-व्यवस्था पर फैलाए गए झूठ को नहीं समझा जा सकता है। डॉ अम्बेडकर ने स्पष्ट किया था कि...

चुन-चुनकर हो रही हिंदुओं की हत्या, लेकिन ‘स्क्रॉल’ के लिए यह ‘सामान्य हिंसा’; NYT बता रहा ‘मुस्लिमों का बदला’: बांग्लादेश पर प्रपंच में जुटा...

न्यूयॉर्क टाइम्स ने बांग्लादेश में हिन्दुओं की हत्या को राजनीतिक बताया तो वही स्क्रॉल ने इसे सामान्यीकृत करने की कोशिश की।

हरियाणा चुनाव से पहले एक जुझारू महिला खिलाड़ी को मोहरा बनाते ‘गिद्ध’, जिस गिरोह ने योगेश्वर-उषा-बबीता को दी थी गाली, अब वो नीता अंबानी...

आज विनेश फोगाट के साथ पूरा देश खड़ा है, लेकिन कभी योगेश्वर दत्त, बबीता फोगाट और PT उषा को भला-बुरा कहने वालों ने जिस तरह से जश्न मनाने के नाम पर 'डिजिटल गुंडागर्दी' की, क्या वो माफ़ी माँगेंगे?

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