राहुल गाँधी ने अपने भाषण को दमदार दिखाने के लिए ऐश्वर्या रॉय जैसी नामी अभिनेत्री का नाम उछाला। लेकिन, ऐसा करते समय वो भूल गए कि ऐश्वर्या का अपमान भी नारी का अपमान है।
किसान आंदोलन की आड़ में राजनीतिक खेल खेला जा रहा है। राहुल गाँधी उस आयोग की सिफारिशों को लागू करने की गारंटी दे रहे हैं, जिसे सरकार में रहते हुए कॉन्ग्रेस नकार चुकी है।
कर्पूरी ठाकुर को 'कपटी' कहने वाले लालू यादव आज किस मुँह से उन्हें अपना गुरु बता रहे हैं? श्रेय लूटने की होड़ में भूल गए कि उन्होंने बीमार नेता के साथ क्या किया था।
नेहरू से लेकर सोनिया तक कॉन्ग्रेस हिंदू घृणा में सनी रही। फिर भी राम की मर्यादा का पालन कर उसके नेताओं को न्योता दिया गया। पर उसने वही चुना जो उसकी नियति है।