चुनावी बॉन्ड का जारीकर्ता SBI है, जो एक सरकारी बैंक है। इससे सरकार द्वारा विपक्षी दलों को चंदा देने वाले दानकर्ता की पहचान की ट्रैकिंग की आशंका बनी रहती है और उसके संभावित उत्पीड़न या बदले की कार्रवाई की चिंताएँ रहती है।
मात्र 17 वर्ष की उम्र में एक शिक्षक के रूप में उन्होंने अपनी पहली नौकरी की, तब उनके कई छात्र उनकी ही उम्र के थे। लालकृष्ण आडवाणी के बारे में जानिए रोचक बातें।