कर्पूरी ठाकुर को 'कपटी' कहने वाले लालू यादव आज किस मुँह से उन्हें अपना गुरु बता रहे हैं? श्रेय लूटने की होड़ में भूल गए कि उन्होंने बीमार नेता के साथ क्या किया था।
नेहरू से लेकर सोनिया तक कॉन्ग्रेस हिंदू घृणा में सनी रही। फिर भी राम की मर्यादा का पालन कर उसके नेताओं को न्योता दिया गया। पर उसने वही चुना जो उसकी नियति है।
विवेक बिंद्रा ने जन्म आधारित जाति व्यवस्था नहीं, बल्कि गुण-कर्म आधारित 'क्लास' की बात की थी। उन्होंने दलितों का विरोध नहीं किया, बल्कि 'राजा का बेटा राजा नहीं बनेगा' वाले सिद्धांत की ही बात की।
भारत सरकार ने मजबूत शिक्षा नीति को लागू किया है और साथ ही सुनिश्चित किया है कि हर बच्चे को सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि के बावजूद गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुँच मिले।