भारत और हिन्दुओं के खिलाफ पाकिस्तानी खिलाड़ी ज़हर उगलते रहें और भारतीय उनके सामने झुक कर सलाम ठोकते रहें? यही चाहता है लिबरल गिरोह? 3 शब्द से इतनी दिक्कत कि भारतीयों का खून बहाने वाले से माँग रहे हैं माफ़ी।
जाति आधारित जनगणना के पीछे राजनीतिक मंशा क्या? क्या कहते हैं आँकड़े? एक गरीब और पिछड़े राज्य में जातियाँ गिनने में फूँके सैकड़ों करोड़ रुपए, लगा दी मशीनरी।
भारतीय राजनीति ने नरेंद्र मोदी के उदय से ऐसा मोड़ लिया है कि राहुल गाँधी बहुरूपिए बने फिर रहे हैं। इसी कड़ी में अब वे कुली के बाद कारपेंटर बने नजर आए हैं।