सामाजिक मुद्दे

भारत में रहने वाले सभी लोग यहाँ के मूलनिवासी: शूद्रों यानी ‘दास-दस्यु’ और ‘सबसे निचले पायदान’ वाले नैरेटिव पर डॉ अम्बेडकर का फैक्ट-चेक

विश्व मूलनिवासी दिवस की तिथि जानने भर से भारतीय जाति-व्यवस्था पर फैलाए गए झूठ को नहीं समझा जा सकता है। डॉ अम्बेडकर ने स्पष्ट किया था कि...

10000+ हिंदुओं को काट डाला था सिर्फ 2 दिनों में… इस्लामी छात्रों ने ही तब भी मचाया था आतंक: बांग्लादेश का छात्र आंदोलन कट्टर...

छात्र यदि उपद्रवी हो जाएँ और उसी देश की संपत्ति को तोड़ने फोड़ने लगें, अपनी बात मनवाने के लिए लोगों के कत्लेआम पर उतर आएँ तब इन्हें छात्र कैसे माना जाएगा?

सिर्फ अल्लाह का नाम नहीं रहेगा, न ही ताज/तख्त उछाल पाओगे: वाजिद हो या खान… सिर्फ भारत के नागरिक बन कर रहो, किताब नहीं...

बांग्लादेश मुश्किल में है। महिला प्रधानमंत्री की ब्रा-साड़ी सब लूट ली गई है... ऐसे में एक इस्लामी लिखता है - बस नाम रहेगा अल्लाह का।

हिन्दुओं के गाँव से लेकर फाइव स्टार होटल तक, समझिए कैसे जमीन हड़पता है वक्फ बोर्ड: कई मंदिरों पर भी इन्हीं का कब्जा, हिन्दुओं...

वक्फ बोर्ड जमीन एवं इमारतें हड़पने एक ऐसा तंत्र है जो कभी सरकारी इमारत, कभी किसी की निजी जमीन तो कभी हिंदुओं के पूरे गाँव पर दावा कर देता है।

पोर्न की जकड़ में बेटा, हैवानियत का शिकार बनी बेटी… लाश देख भी नहीं रोया घरवालों का दिल, लड़के को बचाने में जुटे: खोखले...

पोर्न की सुलभता ने आज स्थिति को भयावह बनाया, बच्चों में भाई-बहन की रिश्तों का लिहाज नहीं बचा। रीवा से आया ये ताजा मामला इस बात का उदाहरण है।

कागज तो दिखाना ही पड़ेगा: अमर, अकबर या एंथनी… भोले के भक्तों को बेचना है खाना, तो जरूरी है कागज दिखाना – FSSAI अब...

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि कांवड़ रूट में नाम दिखने पर रोक लगाई जा रही है, लेकिन कागज दिखाने पर कोई रोक नहीं है।

मुस्लिम मुल्कों में चलता है ‘झटका’ मांस? मक्का-मदीना के रास्ते में हाजियों को थूक वाला पानी पिलाते हैं हिन्दू? देवी-देवताओं के नाम से इतना...

ये लोग जो भी हमसे कमाते हैं उससे ही तो इनकी आर्थिक व्यवस्था और स्थिति मजबूत होती है, उसी का इस्तेमाल ये हमारे खिलाफ करते हैं तो फिर हिंदू क्यों मजबूर हो कि वह उनके हाथ का खाए।

आरक्षण पर बांग्लादेश में हो रही हत्याएँ, सीख भारत के लिए: परिवार और जाति-विशेष से बाहर निकले रिजर्वेशन का जिन्न

बांग्लादेश में आरक्षण के खिलाफ छात्र सड़कों पर उतर आए हैं। वहाँ सेना को तैनात किया गया है। इससे भारत को सीख लेने की जरूरत है।

मुस्लिम फल विक्रेताओं एवं काँवड़ियों वाले विवाद में ‘थूक’ व ‘हलाल’ के अलावा एक और पहलू: समझिए सच्चर कमिटी की रिपोर्ट और असंगठित क्षेत्र...

काँवड़ियों के पास ये विकल्प क्यों नहीं होना चाहिए, अगर वो सिर्फ हिन्दू विक्रेताओं से ही सामान खरीदना चाहते हैं तो? मुस्लिम भी तो लेते हैं हलाल?

जहाँ सब हैं भोले के भक्त, बोल बम की सेवा जहाँ सबका धर्म… वहाँ अस्पृश्यता की राजनीति मत ठूँसिए नकवी साब!

मुख्तार अब्बास नकवी ने लिखा कि आस्था का सम्मान होना ही चाहिए,पर अस्पृश्यता का संरक्षण नहीं होना चाहिए।

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