सामाजिक मुद्दे

भारत की सांस्कृतिक, सामाजिक और राजनीतिक उत्थान के लिए संघर्ष के 100 वर्ष: RSS की इस गौरवमयी यात्रा में संघ ने देश के हर...

RSS की यात्रा केवल संगठनात्मक नहीं है, बल्कि यह एक विचारधारा की यात्रा है, जो समाज के हर वर्ग को एकजुट करे का प्रयास कर रहा है।

मैरिटल रेप: ये कौन तय करेगा कि कब बलात्कार हुआ? ‘वैवाहिक संस्था’ की हत्या का कहीं कारण ना बन जाए यह कानून

मैरिटल रेप को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। अगर इसे आपराधिक घोषित कर दिया जाता है तो इससे वैवाहिक संस्था को नुकसान पहुँचेगा।

तिरुपति बालाजी प्रसाद में चर्बी: 189 साल पहले रची गई साजिश का नतीजा, आज भी भोग रहा हिंदू समाज

सनातन आस्था के सबसे बड़े केन्द्र तिरुपति बालाजी के प्रसादम् में गाय और सुअर की चर्बी की मिलावट का मामला बेहद निंदनीय और गहरा षड्यंत्र है।

झूठे मामलों की वजह से कोर्ट पर दबाव, पति और ससुराल पक्ष को प्रताड़ना: जानिए घरेलू हिंसा से जुड़े कानून की समीक्षा क्यों है...

जिस तरह से विवाहित महिलाओं की हितों की रक्षा के लिए महिला आयोग है, उसी तरह पुरुषों को प्रताड़ना से बचाने के लिए पुरुष आयोग बने।

गुलाम भारत में अंग्रेज नहीं खिला पाए चर्बी, स्वतंत्र भारत में तिरुपति के बीफ वाले लड्डू खिला दिए: क्या दक्षिण से उठेगी सनातन रक्षा...

ये हिंदू हैं विश्वास पर इतना बड़ा आघात हो गया और ये शांत हैं... सोशल मीडिया परअपना विरोध दिखा रहे हैं। क्या अगर ये किसी और मजहब के लोगों के साथ होता तो उनकी प्रतिक्रिया ऐसी होती।

महंत अवैद्यनाथ: एक संत, एक योद्धा और एक समाज सुधारक, जिन्होंने राम मंदिर के लिए बिगुल फूँका और योगी आदित्यनाथ जैसे व्यक्तित्व को निखारा

सन 1919 में जन्मे महंत अवैद्यनाथ को पहले 'कृपाल सिंह बिष्ट' के नाम से जाना जाता था। उन्हें योगी आदित्यनाथ के रूप में अपना उत्तराधिकारी मिला।

पैसा आपका, वोट भी आपका… प्रभावित लेकिन कर रहा है बिग डाटा और AI: गोपनीयता अब एक मिथक

अगर आप फोन पर स्पोर्ट्स शूज़ सर्च करते हैं, तो आपको विभिन्न प्लेटफॉर्मों पर उसके विज्ञापन दिखने लगते हैं। यह AI और बिग डेटा का मेल है।

न 4 साल की बच्ची बची, न 63 साल की वृद्धा… योनि में ही नहीं सिमटी है एक महिला का अस्तित्व: केवल कानून से...

महिलाओं के साथ बढ़ रहे रेप के मामलों पर कानून को सख्त करने की बात कही जा रही है लेकिन दूषित मानसिकता पर चर्चा भी जरूरी है जिसपर काम किए बिन इन घटनाओं को कम नहीं किया जा सकता।

अंबेडकर का अपमान नहीं है सिविल कोड को ‘सांप्रदायिक’ कहना, नेहरू से लेकर राहुल गाँधी तक के तुष्टिकरण पर है प्रहार: जानिए क्यों PM...

पीएम मोदी ने 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के दिन लाल किले से कहा कि देश में कम्यूल सिविल कोड लागू है, लेकिन अब सेक्युलर सिविल कोड की जरूरत है।

‘यह धार्मिक नहीं, राजनीतिक’: मजहबी आक्रामकता की बात करने पर इस्लामी-वामपंथी करते हैं बेतुका दावा, जानिए इस नैरेटिव के पीछे का मूल मकसद

जब भी कोई इस्लामी चरमपंथी या भीड़ उत्पात मचाती है तो विश्व भर के वामपंथियों की तुरंत प्रतिक्रिया होती है और वे इसे नकारने की कोशिश करते हैं।

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