“मुझे लगता है कि उनको पीड़ा इस बात से नहीं है कि कृषि कानूनों में सुधार क्यों हुआ। उनको तकलीफ इस बात से है कि जो काम हम कहते थे लेकिन कर नहीं पाते थे, वो मोदी ने कैसे किया, मोदी ने क्यों किया।”
इस मामले में पिछले हफ्ते 3 अधिकारियों को समन भेजा गया था। लेकिन राज्य सरकार ने उन्हें भेजने से मना कर दिया। इसके बाद मंत्रालय ने उन्हें सेंट्रल डेप्युटेशन पर बुलाया।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने इसके अलावा कुछ अन्य बैनर भी फहराए थे जिन पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की तस्वीर मौजूद थी। इन बैनर पर वंदे मातरम लिखा हुआ था।
पत्र में कहा गया है कि अल्पसंख्यक क्षेत्रों में महिला मतदाताएँ सामान्य तौर पर बुर्का पहनकर वोट देने आती हैं। ऐसे में उन्हें बूथ में प्रवेश की अनुमति देने से पहले उनकी पहचान कर पाना सीपीएफ जवानों के लिए संभव नहीं होता।